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Meri Biwi Threesome Lesbian Story

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बीवी के लेस्बियन निकलने के बाद मैं तो घबरा ही गया था, पर गरिमा के आने के बाद ये सब मुझे एक वरदान सा लगने लगा.. अब किसको ऐसे threesome का मौका मिलता है? ये threesome lesbian story का अगला मजेदार भाग.
Desi Kahani के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. हम तीनों कुछ देर तक इसी अवस्था में लेटे रहे और फिर बाद में अलग हो गए.
वैशाली ने भी गरिमा को कहा ” अगर तुम ना होती तो शायद मेरी जिन्दगी में ये दिन बहुत ही मुश्किल से आ पाता.
” गरिमा ने एक विजयी मुस्कान अपने चेहरे पर लाई .
गरिमा ने मेरी तरफ देखा और बोली ” आपका कितना बड़ा काम मैंने किया है मेरा इनाम!!” मैंने गरिमा को अपनी तरफ लिया और उसके गालों पर एक किस कर दिया.
वैशाली ने मेरी तरफ देखा और बनावती गुस्से से बोली ” इतने बड़े काम के लिए बस इतना सा इनाम.
शर्म आनी चाहिये! चलो गरिमा के होंठों पर पहले एक किस करो.
” मैंने गरिमा के होंठों को अपने होंठों से चूमा.
अनुभवी गरिमा ने मेरा जबरदस्त और बहुत ही तगड़ा चुम्बन लिया.
एक लंबा चुम्बन चला.
वैशाली ने भी फिर मेरे साथ ऐसा ही लंबा चुम्बन किया.
अब वैशाली ने मुझसे कहा ” अब तुम गरिमा को कभी भी इससे छोटा इनाम नहीं दोगो.
” इसके बाद हम वैशाली के कहने पर हम तीनों नग्नावस्था में ही आपस में लिपटकर सो गए.
अगले दिन मैं बहुत ज्यादा खुश था और रात का फिर इंतज़ार कर रहा था.
मेरे बदन में एक अलग तरह का रोमांच बार बार आ रहा था.
मैंने वैशाली और गरिमा को सरप्राइज देने के हिसाब से उन्हें बिना बताये मैं बहुत जल्दी घर आ गया.
उस समय केवल चार बजे थे.
मैं चुपचाप घर में दाखिल हुआ.
अपने कमरे में जाकर जल्दी नहाया और कपडे बदले.
फिर मैं घर के पिछवाड़े आ गया.
बादल हो रहे थे और बारिश होने की पूरी संभावना लग रही थी.
थोड़ी थोड़ी बूंदा बंदी हो भी रही थी.
मैं जैसे ही पिछवाड़े की बालकनी में आया.
मैंने देखा की बालकनी के आड़े के छोटे से खुले आँगन में ; जहाँ पर बहुत हरी हरी घास उगी हुई है , वैशाली और गरिमा एक दूसरे से लिपटे हुए खड़े हैं और छोटी छोटी पानी की बूंदों में भीगने की कोशिश कर रहे हैं.
अचानक बारिश तेज हो गई.
दोनों बालकनी में लौट आई.
मैंने अपने कपडे खोले और केवल अंडर वेअर में बारिश में नहाने चला गया.
वैशाली और गरिमा ने मुझे भीगते हुए देखा तो उन्हों ने भी आपस में इशारा किया और केवल ट्यूब टॉप और पैंटी में मेरे साथ भीगने के लिए आ गई.
हम तीनों आपस में लिप्त रहे थे ; एक दूसरे को चूम रहे थे.
एक दूजे के बदन पर गिरने वाले पानी को भी हम चूम चूमकर पी रहे थे.
धीरे धीरे नशा बढ़ता गया और हम तीनों आपस में लिपट कर नहाने लगे.
अब बारिश और भी ज्यादा तेज हो गई थी और तेज हवा के कारण धुंआ धुंआ सा हो रहा था.
वैशाली ने गरिमा को नीचे लेटने को कहा.
गरिमा के नीचे लेटते ही वैशाली उस पर लेट गई.
अब वे दोनों एक दूसरे को चूमने लगी थी.
उन दोनों के जिस्म जब आपस में लिपटने से रगड़ खा रहे थे तो उन्हें देखकर मेरा सब्र जवाब दे रहा था.
वैशाली गरिमा के ऊपर लेटकर अपने जसम को उससे एकदम सटकर उसे दबाते हुए उसे जगह जगह पर चूम रही थी.
हरी हरी घास ; उस पर तेज बरसता हुआ पानी तथा इस बरसते पानी में घास पर आपस में लिपटे हुए दो बहुत ही खूबसरत हसीनाओं के भरे बदन .
इन सबे ने मुझे ऐसा मदहोश किया की मैं भी उनके साथ शामिल हो गया.
वैशाली और गरिमा ने मेरे आते ही मुझे भी अपने साथ ले लिया.
हम सभी एक दूजे को चूमने लगे.
तेज पानी की बौछारें आग में घी का काम रही थी.
बहुत ही काम समय में माहौल एक दम गरम हो गया.
मैंने अब वैशाली और गरिमा के सभी कपडे उतार दिये और खुद भी नंगा हो गया.
गरिमा ने एक बार फिर वैशाली को उत्तेजित करना शुरू किया.
आज वैशाली बहुत जल्दी उत्तेजित हो गई.
मैंने भी तुरंत उसके जननांग में अपना लिंग घुसेड दिया.
एक छोटी लेकिन मीठी सिसकी के साथ वैशाली आनंदित हो गई.
मैंने करीब पंद्रह मिनट तक वैशाली को इसी तरह से रखा.
वैशाली ने अब मेरा लिंग बाहर निकालने को कहा.
मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित था.
पता नहीं कैसे ; सुंन के जननांग में से लिंग को निकलते ही मैंने गरिमा को पकड़कर लिटा दिया और उस पर चढ़ गया.
वैशाली ये देख बहुत खुश हुई और उसने गरिमा के होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
गरिमा ने भी अब मुझे कसकर पकड़ लिया.
मैंने धीरे से अपना लिंग गरिमा के जननांग की तरफ बढाया.
गरिमा ने पाने हाथ की मदद से उसे उंदर का रास्ता दिखा दिया, बस अब क्या था मर लिंग सीधे उस गीले और अनुभवी जननांग में पहुँच चुका था.
वैशाली कभी मुझे तो कभी गरिमा को चूम रही थी.
मैंने गरिमा को भी पंद्रह – बीस मिनट तक ऐसी ही रखा.
हमारा वो बगीचा बहुत छोटा था.
उसके चारों ओर दो फुट जितनी ऊंची दीवार थी.
घर कि चाट का सारा पानी नाली से उसी में गिर रहा था.
अब हमारे उस छोटे से बगीचे में इस तेज गिरते पानी और मुसलाधार बारिश की वजह से वो बगीचा तेजी से भरने लगा.
बहुत जल्द वि लबालब भर गया.
एक बहुत बड़ा बात टब जैसा लगने लगा.
हम तीनो उसी में अब सेक्स करने लगे.
पानी के अन्दर संभोग का यह अंदाज एक बहुत ही उत्तेजना पैदा करने वाला था.
मैंने बारी बारी से वैशाली और गरिमा के साथ आधे आधे घंटे तक संभोग किया.
फिर हम तीनों थक कर उस बरसात के पानी में ऐसी ही पड़े रहे जब तक कि हम में उठकर अपने अपने कपडे पहनने की ताकत नहीं लौट आई.
हम तीनो पूरी तरह से संतुष्ट हो गए थे.
 . अब हम तीनों के दिन और रात बहुत रंगीन हो चुके थे.
वैशाली अब गरिमा और मेरे साथ पूरे जोश के साथ संभोग करने लगी थी.
लेकिन अब यह समस्या थी  कि आखिर गरिमा कब तक रुक सकेगी.
हालाँकि मजा मुझे भी वैशाली के साथ साथ गरिमा के संग संभोग करने पर भी आ रहा था लेकिन गम्भ्र्ता से सोचें तो यह लम्बे समय तक संभव नहीं था.
इसी बीच एक दिन ऐसा मौका आ भी गया.
गरिमा को खबर मिली कि उसकी मां बहुत बीमार है और उसे देखने के लिए उसे जाना होगा.
वैशाली तो बहुत ही उदास हो गई.
लेकिन गरिमा भी मजबूर थी.
वो कुछ दिनियो कि छुट्टी लेकर चली गई.
पहली रात को तो मैंने कुछ नहीं किया लेकिन अगली रात को वैशाली से जब संभोग करना चाह तो वैशाली थोड़ी देर के बाद रुक गई.
इसी तरह से तीन दिन और गुज़र गए.
एक दिन शाम को जब मैं पहुंचा तो निशा मुझे मेरे घर से निकलती हुई मिली.
उसने मुझे देखा और एक शरारत भरी मुस्कराहट के साथ अपने घर में चली गई.
वैशाली ने मुझे कहा कि उसने निशा को गरिमा के बारे में सब कुछ बता दिया है.
यहाँ तक कि हम तीनों के लगातार हमबिस्तर होने तक को भी बता दिया है.
मैं सन्न रह गया.
वैशाली ने कहा कि निशा भी हमारे साथ आने को तैयार है अब तो मुझे आगे तक दूर दूर अँधेरा नजर आने लगा.
मैंने सोचा अब इस चीज का अंत बिलकुल नामुमकिन है क्यूंकि वैशाली एक बहुत ही हार्डकोंर लेस्बियन है.
बिना किसी औरत के ये मेरे साथ संभोग कभी नहीं कर पाएगी.
मैंने मजबूर होकर वैशाली की बात मान ली.
वैशाली ने खुश होकर मेरे होंठ बहुत ही जोर से चूस लिए और मुझसे लिपट गई.
मैंने भी उसके होंठ चूस लिए.
और उसे लेकर बिस्तर पर गिर गया.

स्रोत:इंटरनेट