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Nanaji Ka Sex Puran Part 5

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आखिर वो पल आ ही गया है, नानाजी आज मेरी चूत लेके ही रहेंगे.. मैं बहुत खुश हूँ और थोडा डर भी रही हूँ, पता नहीं क्या होगा। आप भी जानिए इस chudai kahani नशीले भाग में– Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पारुल:=तो क्या हुआ आपकी प्यारी श्रुति की चूत में तो पहला लंड आपका ही जानेवाला है आज।. नानाजी:= हा वो तो है। मैं तो आज ही इसकी जमके चुदाई करूँगा वरना क्या पता ये भी किसी और से चुदा ले और मैं सिर्फ देखता ही रहू।. ये सुनके हम सब हंस पड़े और डिनर के लीये निकल गए।. डिनर के बाद हम जब लौटे तो पापा भी आ चुके थे। हम सब *रूम बैठ के गप्पे मार रहे थे।नानाजी सोने लगे मतलब की सोने का नाटक करने लगे। थोड़ी देर बाद मैं भी नींद आने का सीन बनाने लगी। जो की उनके प्लान के हिसाब. से था। क्यू की पारुल ने पापा को बताया था की उसने हमें नींद की गोली खिला दी है।. पापा कहने लगे की “”चलो मैं जाता हु तुम लोगो को शायद बहोत नींद आ रही है। बाबूजी को यही सोने दो अब उन्हें जगाना ठीक नहीं होगा।””. ह्म्म्म्म जैसे हमें पता ही नहीं था की उन्होंने तिन लोगो के लिए रूम लिया था। और खुद के लिये सामने ही दूसरी रूम ली थी…।. हमने उनको gn बोला। वो चले गए। 15 min के बाद पारुल भी चली गयी। पारुल ने रूम बाहर से लॉक कर दी और मैंने अंदर से।मैं धड़कते *दिल से दरवाजा लॉक करके पलटी। तो देखा नानाजी मेरे पीछे ही खड़े थे।उनहोंने मुझे. बाहो में भर लिया और पागलो की तरह मुझे चूमने लगे। मेरे गालो को होठो को गले को और पुरे बदन पे हाथ घुमाने लगे। मैं भी उनका साथ दिए जा रही थी। चूमते चूमते ही उन्होंने मेरे सारे कपडे उतार दिए। जब हम एक. दूसरे को चूमते चूमते थक गए तो बेड पे धड़ाम से गिर गए।. मैं:= नानाजी… क्या आप भी मुझे तो पूरा नंगा कर दिया पर खुदके एक भी कपडे नहीं उतारे।. नानाजी ने मुझे अपनी और खीचा और मेरा पैर अपनी कमर पे रखा और लंड मेरी चूत में चुभाने लगे। मेरी नंगी गांड पे हाथ घुमाते हुए बोले…. “”मैंने कहा रोका है उतार लो””. मैं:= वो तो उतार ही दूंगी…मैं बता नहीं सकती उस दिन से *कितनी तड़प रही हु मैं…. नानाजी:= उम् तड़प तो मैं भी रहा था कबसे….
मैं:=नानाजी कभी आपने मेरी उम्र की लड़की को चोदा है?. नानाजी:= नहीं जो भी थी वो 30 के आस पास वाली थी।. मैं:= आपकी लैंग्वेज में आपने सिर्फ भोसड़े चोदे है….
कच्ची उम्र की चूत आज मिलने वाली है आपको….
मैं मादक आवाज में बोली। नानाजी:= हा मेरी जान… नानाजी मेरी गांड को पकड़ के अपनी और खीचते हुए बोले।. मैं:=उफ़्फ़्फ़ग नानाजीईईई…. नानाजी:= श्रुति सच में बहोतही सेक्सी हो तुम… और ये तुम्हारी चुचिया तो क़यामत है….
। मैं:= रहने दीजिये… मुझे चढ़ाने की जरुरत नहीं है… लेटी तो हु आपकी बाहो में… ये मखन लगाने की जरुरत नहीं है।. नानाजी:= नहीं सच में ये तुम्हारे जिस्म की खुशबू अह्ह्ह्ह और ये तुम्हारा संगेमरमर सा बदन उफ्फ्फ्फ्फ़ देख के ही लंड खड़ा हो जाता है।. मैं:=अगर ये बात है तो इन्तजार किस चीज का है….
डालिये अपना लंड मेरी चूत में ….
मैं आहे भरती हुए बोली नानाजी:= तुम ऐसे बोलोगी तो दिन रात तुम्हे चोदते रहने का मन करेगा।. मैं:=दिन का तो पता नहीं पर हर रात ये लंड मुझे अपनी चूत चाहिए जितने दिन मैं यहाँ हु।. नानाजी:= हा मेरी गुड़िया रानी….
ऐसे चोदुंगा तुम्हे की तुम ये छुट्टियां जिंदगी भर याद रखोगी….
मैं:= ओह्ह्ह्ह उम्म्म नानाजी मैं भी आपके लंड को ऐसा मजा दूंगी की आप मेरी चूत की याद में खिचे चले आएंगे मुम्बई मुझे चोदने……. नानाजी:=उम्म्म्म श्रुति अह्ह्ह क्या अदाएं है तुम्हारी….
देखो ना मेरा लंड कैसा गिला गिला कर दिया है तुमने अपनी बातो से….
अंडरवियर के साथ साथ पैजामा भी गिला होने लगा है… मैं:=सीसीसीसीसी आह्ह नानाजी चूत तो मेरी भी कम गीली नाही है अह्ह्ह्ह. नानाजी:= जरा देखु तो… हम्म आहा क्या नरम और मुलायम चूत है तुम्हारी श्रुति….
और इसका पानी उफ्फ्फ्फ्फ्फ मैं:= उम्म्म्म्म अह्ह्ह्ह नानाजी उस दिन आपके लंड का पानी उफ्फ्फ्फ़ बहोत ही अच्छा लगा था मुझे।. नानाजी:= तो तुम्हे रोका किसने है जाओ और लेलो टेस्ट ….
पर मुझे भी तुम्हारी चूत का पानी टेस्ट करने दो… मैं उठ के नानाजी का लंड पैंट के ऊपर से ही मुह में लेने लगी। फिर मैंने उनका पैंट अंडरवियर के साथ ही निकाल दिया। और उनका लंबा लंड हाथ पे पकड़ा। उसके लाल सुपाड़े पे प्रीकम किसी मोती की भाति चमक रहा था. उफ्फ्फ्फ़ उम्म्म मैंने उसे अपनी जुबान से चाट लिया आह्ह्ह्ह्ह्ह. नाना:=उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह उम्म्म श्रुति सीसीसी. मैं:= क्या हुआ?. नानाजी:= ऐसा लगा जैसे किसीने गुलाब की पंखुड़ी मेरे लंड के ऊपर से फिराई हो अह्ह्ह्ह… श्रुति मुझे भी तो चखाओ अपना रस….
मैं:= रुकिए ना अहह पहले मैं जी भर के चखलु फिर आप को देती हु।. नानाजी:= अरे उस दिन जैसे आके रख दो अपनी चूत मेरे मुह पे…. मैं पलट के उनके मुह के ऊपर बैठ गयी।. नानाजी मेरी गीली चूत को निहारते हुए बोले””स्स्स आह्हा श्रुति तुम्हारी चूत कितनी गीली है उफ्फ्फ और इसकी खुशबू उम्म्म्म्म …..इतनी खूबसूरत है ….
भगवान् ने भी इसे बनाया होगा तब उसका भी ईमान डौल गया होगा…..””” नानाजी की ऐसी बाते और उनके होठ और जुबान इस कदर मेरी चूत को लग रही थी की मैं क्या बताओ। अब तो वो और भी पानी छोड़े जा रही थी। हम दोनों इस कदर एक दूसरे के गुप्तांगो को चूस रहे थे चाट रहे थे की बस ये पहली. और आखरी बार है।मैं नानाजी के होठो के और जुबान की आगे जादा देर टिक नहीं पायी और झड़ गयी। मैंने भी हार नहीं मानी और उनके लंड को इस कदर चूसा और चाटा की 5 min में ही उनका पानी निकल गया। उम्म्म्म्म्म मैं. उनके वीर्य की पिचकारियों को को अपने मुह पे लेने लगी उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ क्या गरम था उनका पानी उम्म्म्म्म मैंने खुदको और नानाजी के लंड को साफ़ किया। और उनकी छाती पे सर रखकर सोने लगी।. नानाजी:= उम्म्म वाह श्रुति आज तुमने जिस तरीके से मेरे लंड को चूसा है वैसे किसीने आज तक नहीं चूसा….
मजा आ गया। मैं:= इतने में मजा आ गया अभी तो पूरी रात बाकी है नानाजी……………. हम बेड पे लेटे लेटे थोडा रिलैक्स कर रहे थे।. मैं:= नानाजी उधर पारुल का क्या चल रहा होगा?. नानाजी:= क्या चलने वाला है….
चूत में लंड लिए उछल उछल के चुद रही होगी। मैं:=ह्म्म्म्म सच में नानाजी पारुल बहोत ही चुद्दकड़ है।. नानाजी:=छोडो उसे….
एक बात बताओ मैंने सुना है की मुम्बई में कोई क्लब में नंगी लडकियोका डांस होता है। मैं:= हा सुना है मैंने भी।. नानाजी:=कैसे होता है?. मैं:= आपको देखना है? तो अभी दिखा देती हु ना …. मैं उठ के खड़ी हो गयी। नानाजी पीछे सरक के बेड से अपनी पीठ टिकाके बैठ गए। मैंने सेक्सी एक्सप्रेशन के साथ एक एक अदाएं दिखानी सुरु कर दी। मैं पलट के उन्हें अपनी गांड दिखाने लगी उस पर से हाथ घुमाते गए गांड. मटकाने लगी।. नानाजी:= सीसीसीसी आह्ह श्रुति क्या बात है अह्ह्ह्म मेरा लंड तो अपने आप ही खड़ा होने लगा है।.
स्रोत:इंटरनेट