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Neeraj Ki Randibazi Randi Sex Story

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नीरज के दोस्त खुली हवा में रंडियों से अपने लंड चुसवा रहे थे, नीरज को ये सब पसंद नहीं था.
इसलिए वो कार में ही अपना लंड चुसवा रहा था.
एक मस्तानी randi sex story हाज़िर है.. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. रात के लगभग एक बज रहे थे.
गाडी के सामने की लाइट ऑन थी.
नीरज कार की पिछली सीट पर था.
नीरज के बाकी दोनों दोस्त कार के बाहर थे.
उनके मुताबिक खुली हवा में लंड चुसवाने का मजा ही अलग होता है.
लेकिन नीरज को उनके सामने ये सब करना पसंद नहीं था.
हालांकि अभी जो उसके लंड के छेद को जीभ से और उसके अंडकोष को नाख़ून से खुरच रही थी वो नीरज को उसके दोस्तों की तरफ से जन्मदिन का तोहफा था.
फिर भी उसके दोनों दोस्त प्रवीण और राज बाहर अपनी अपनी रंडियों के साथ मौज ले रहे थे और नीरज यहाँ कार के अन्दर ही अपना लंड चुसवा रहा था.
 . लंड चूसते चूसते वो थोड़ी देर सांस लेने के लिए रुकी.
नीरज ने उसके सर को सहलाया.
उसके बालों को उसके चेहरे से हटाया.
उसने हल्का मेक-अप किया हुआ था और लिपस्टिक गाड़ी लगायी हुई थी.
उसका लंड हलके हलके झटके ले रहा था.
नीरज था तो बड़ी बाप का बिगडैल लड़का लेकिन कभी कभी उसमे थोड़ी दया आ जाती थी.
उसने उस रंडी को थोड़ी देर सांस लेने का मौका दिया.
 . पुछा “नाम क्या है तुम्हारा?”.  . वो नीरज की तरफ देखकर हंसी.
बोली “क्या नाम चाहते हो?”  . “तान्या.
तुम्हारा नाम तान्या है.
”  . तान्या नीरज की कजिन थी और अभी अभी 18 की हुई थी.
हालांकि नीरज की नज़र तो उसपर काफी पहले से ही थी.
और कई बार वो तान्या के नाम का हिला चुका था लेकिन जब से उसके दिमाग में ये आया था कि तान्या अब कानूनन रूप से चुद सकती है तब से वो उसे हकीक़त में चोदने के सपने देखने लगा था.
और जैसे जैसे वो जवान होती जा रही थी उसका रूप मानो निखरता जा रहा था.
बड़ी बड़ी आँखें, गुलाबी होंट, एक दम गोरा चेहरा, पतला शरीर लेकिन सही जगहों में चर्बी.
मसलन थोड़ी सी चर्बी पेट में, थोड़ी सी कमर में और थोड़ी सी जाँघों में.
लम्बाई में वो नीरज के लगभग बराबर थी.
उसके स्तन ठीक ठाक थे लेकिन उसके नितम्ब या फिर यूँ कहें कि उसकी गांड….
गज़ब की थी.
बड़े बड़े और गोल.
एक दम सुडोल.
नीरज और उसके दोस्तों ने कई बार discuss किया था कि ये पक्का किसी ना किसी से अपनी गांड मरवाती होगी.
नहीं तो इस उम्र में ऐसी गांड कहाँ से बना ली इसने.
कई कहानियों में, ज्यादातर मस्तराम में, नीरज पढ़ चुका था कि accidentally लड़के ने अपनी कजिन चोद दी.
कई porn मूवीज में भी देख चूका था.
लेकिन असली ज़िन्दगी में ऐसा झांट कुछ नहीं होता.
नीरज ने कई बार तान्या को फँसना चाहा था.
मसलन एक बार फॅमिली ट्रिप में वो उसके बगल में कार में बैठा था.
सोच रहा था जैसा कि मस्तराम में होता है, सोते सोते तान्या उसका लंड पकड़ लेगी वो भी उसकी चूत में ऊँगली दे देगा और दोनों के बीच ‘एक रिश्ते की शुरुवात होगी’.
लेकिन journey start होने से पहले ही नीरज को उठकर दूसरी कार में बैठने को कह दिया गया और तान्या के साथ उसकी माँ आकर बैठ गयी.
नीरज बस होटल पहुँच कर अपना लंड ही हिला पाया तान्या के नाम का.
या फिर होली के टाइम नीरज ने मौका देखकर तान्या के गालों और नंगी बाहों को रंग लगाने के नाम पर छुआ था, बल्कि दबाया था.
लेकिन शायद भांग का नशा था, या होली की मस्ती थी या फिर चढ़ती जवानी की ठरक थी, कि तान्या ने ज्यादा ध्यान ही नहीं दिया था बल्कि अपने जीजा के पीछे पड़ी हुई थी रंग लगाने के लिए.
हर बार नीरज की KLPD हो जाती.
इसलिए वो आज इस रंडी को ही तान्या समझ के चोदना चाहता था.
 . “ठीक है.
मैं तान्या हूँ” बोलकर वो रंडी थोड़े अदा से मुस्कुराई.
 . “तो फिर लंड पे ध्यान दे ना वापिस” बोलकर नीरज ने उसका सर अपने लंड की तरफ दबाया.
वो रंडी फिर से नीरज का चूसने लग गयी.
नीरज सीट पर दोनों हाथ फैला कर बैठ गया.
उन्होंने गाडी एक सुनसान जगह लगायी थी.
अक्सर वो लोग रंडी लेकर यहीं आते थे.
हालांकि नीरज को ये पसंद नहीं आता था वो होटल के कमरे में ही चुदाई पसंद करता था.
वो ज्यादा सेफ था, लेकन प्रवीण और राज बहुत बड़े बकचोद थे.
कहते-  . खुली हवा और रांड. और उसकी खुली गांड. किसी को भी न हो खेद. हो चाहे चूत या गांड का छेद. लंड से करंगे खुदाई. ऐसी होगी उसकी चुदाई. रंडी की चूत फाड़ देंगे. उसके मुंह में झाड़ देंगे.
 .  . उन्हीं की बक्चोदियों की वजह से नीरज आज रात को यहाँ था.
खैर रंडी चूसे जा रही थी.
नीरज ने बोला अब उठ और मेरे लंड पर बैठ.
रंडी उठी और नीरज के गोद में बैठने लगी.
नीरज ने खींच कर उसे थप्पड़ मारा.
इतना तेज़ की बाहर तक उसकी आवाज़ गयी होगी.
क्युकी राज ने चोदते चोदते आवाज़ लगायी “मार साली रांड को… मार बहन की लोड़ी को…”  . थप्पड़ खाके वो रंडी रोने लगी थी और नीरज की तरफ आश्चर्य से देख रही थी.
उसे समझ नहीं आया उसने क्या गलती कर दी.
नीरज बोला “बहन की लोड़ी, तेरे कपड़े चोदने के लिए लाया हूँ या तेरी चूत..??? चल कपड़े उतार…..फिर बैठ मेरे लंड पर”  . रंडी शायद नयी थी इसलिए जब नीरज ने उसे अपने लंड पर बैठने को कहा था तो वो समझ नहीं पायी कि नीरज अब उसको चोदने वाला है.
वो सीधे ही बैठें जा रही थी कि नीरज ने थप्पड़ मारकर उसके गाल की माँ चोद दी.
सुबकते हुए उसने पहले अपनी टॉप उतारी.
फिर अपनी ब्रा.
उसके चूचे ज्यादा बड़े नहीं थे लेकिन दबाने लायक तो थे ही.
दोनों चीज़ें उतारकर उसने आगे की सीट में रखी.
फिर उसने अपनी स्कर्ट उतारी.
उसकी चिकनी टांगें चमक उठी.
फिर वो सर झुकाके थोडा सा उठी.
कार के अन्दर चड्डी निकालना आसान काम नहीं था.
हालांकि ये काम वो सीट पर टिककर कमर उठाकर भी कर सकती थी लेकिन नीरज के थप्पड़ के बाद वो उसके ज्यादा नज़दीक आने से डर रही थी.
पूरी तरह नंगी होकर उसने नीरज की तरफ़ देखा.
उसके आँखों से आंसुओं की धारा निकल रही थी.
नीरज ने उसके गाली की तरफ हाथ बढाया तो वो झटके से हट गयी.
 . नीरज ने बस उसके गाल को सहलाया.
“ज्यादा जोर से लग गयी क्या?” नीरज ने उसे अपनी तरफ खींचते हुए पुछा.
उसने कुछ नहीं कहा बस अपना सर हाँ में हिलाया.
 . नीरज ने उसे अपने बाहों में भींच लिया, उसके हाथ में अपना लंड पकड़ा दिया और हिलाने लगा.
वो लगातार उसकी चूचियां मसल रहा था.
थोड़ी देर बाद जब फिर से मूड बना तो नीरज ने उसे अपने लंड पर बिठा लिया.
रांड ने नीरज के लंड को थूक लगर कर पहले से ही गीला कर रखा था.
लंड को पकड़ कर उसने अपनी चूत के मुहाने पर सेट किया और धीरे धीरे बैठ गयी.
लंड उसकी चूत में जाता चला गया.
फिर वो धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी.

स्रोत:इंटरनेट