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Nisantanta Ilaaj Hindi Doctor Sex Stories

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अपने क्लिनिक के बिस्तर पे कोमल की कुंवारी चूत देख के मेरी आँखे बाहर आ गयी.. बस थोडा सा संयम और फिर मेरा इन्तेजार ख़त्म हो जायेगा और कोमल की नि:संतानता भी.. इस hindi doctor sex stories का अगला भाग जल्द ही.. Indian Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. वो पतला सपाट पेट.
छोटी सी कमर पर वो विशाल नितंब.
सिर्फ़ एक ब्लाउस पीस मैं रह गया था उसका बदन.
भरपूर नज़रों से देखा मैने उसका बदन.
उसने शर्म के मारे अपनी आँखों पर हाथ रख लिया और तुरंत पेट के बाल हो गयी ताकि मैं उसकी चूत न देख सकूँ.
शायद चूत दिखाने मैं शरमा रही थी.
ज़रा पलटो कोमल.. शर्म नहीं करते.. फिर तुम इतनी सुंदर हो की तुम्हें तो अपने इस मस्त बदन पर गर्व होना चाहिय। नहीं डॉक्टर साहब.. पराय मर्द के सामने मे मुझे बहुत शर्म आ रही है.. पलटो ना कोमल.. कहकर मैने उसके कुल्लो पर हाथ रखा और बल पूर्वक उसे पलटा.
दो खुबसूरत जांगो के बीच मैं वो कुँवारी चूत चमक उठी.
गोरे गोरे.
दोनों चूत की पंखुड़ीया फुदक सी रही थी.
शायद उन्होने भाप लिया था की किसी मस्त से लंड को उनकी ख़ूसबू लग गई है। उसकी चूत पर थोड़ी सी लाली भी छाई थी।  . इधर मेरे लंड मैं भूचाल सा आ रहा था.
और मेरे अंडरवेयर के लिय मेरे लंड को कंट्रोल मैं रखना मुश्किल सा हो रहा था.
फिर भी मेरे टाइट अंडरवेयर ने मेरे लंड को छिपा रखा था.
अब मैने उसकी चूत पर ऊँगलिया फिराई और पूछा.
कोमल क्या जतिन.. तुम्हे यहाँ पर मेरा मतलब तुम्हारी योनि पर चूमता है? नहीं साहब.. यहाँ छि.. यहाँ कैसे चूमेंगे? तुम्हारे इन कुल्लो पर.. मैने उसके कुल्लो पर हाथ रख कर पूछा.
नहीं डॉक्टर साहब आप कैसी बातें कर रहे हैं.. अब उसकी आवाज़ मैं एक नशा एक मादकता सी आ गई थी.
चुदने के लिय तैयार एक गर्म युवती के जेसे.
वो कहाँ कहाँ चूमता है तुम्हे? जी.. यहाँ पर.. उसने अपने चूची की तरफ इशारा किया.
जो इस गर्म होते माहौल की खुशबू से साइज़ मैं काफ़ी बड़े हो गये थे और लगता था की जल्दी उनको बाहर नहीं निकाला तो ब्लाउस फट जायगा.
उसने कोई ब्रा भी नहीं पहनी थी।  . मैं बिस्तर पर चढ़ गया मैने दोनो हथेलिया उसके दोनो चूची पर रखी और उन्हें कामुक अंदाज मैं मसलना सुरू किया.
वो तड़पने लगी.
डॉक्टर.. साहब.. क्या कर रहे है आप.. यह कैसा इलाज आप कर रहे हैं? कैसा लग रहा है कोमल? मुझे अच्छी तरह से देखना होगा की जतिन ठीक कहता है या नहीं.. वह कहता है तुम हाथ लगाते ही ऐसे चीखने लग जाती हो.. बहुत अच्छा लग रहा है साहब.. पर आप से यह सब करवाना क्या अच्छी बात है? और दबाऊं? मैने कोमल की बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया और उसकी मस्त चूचियाँ दबानी जारी रखी.
हा.. आपका इनको हल्के हल्के दबाना बहुत अच्छा लग रहा है.. जतिन भी ऐसे ही मसलता है.. तेरे इन खुबसूरत स्तनों को.. नहीं साहब आपके हाथों मैं मर्दानी पकड़ है.. मैने उसे कमर से पकड़ कर उठा लिया। बोब्स के भार से अचानक उसका ब्लाउस फट गया.
और वो कसे कसे दूध बाहर को उछल कर आ गये .
वाह क्या खूबसूरत कामुक अप्सरा बैठी थी मेरे सामने एक दम नग्न.
36-18-37 एक दम दूध की तरह कोमल.
बला की कमसिन.
मुझसे रुकना मुश्किल हो रहा था। अब मैने पलट उसके मुख को पकड़ उसके होंठो को चूसना सुरू कर दिया.
इससे पहले वो कुछ समझ पाती उसके होंठ मेरे होंठो को जाकड़ मैं थे.
मेरे एक हाथ ने उसके पूरे बदन को मेरे शरीर से चिपका लिया था.
और दूसरे हाथ ने ज़बरदस्ती.
उसकी जांगो के बीच से जगह बना कर उसके गुप्ताँग मैं उंगली डाल दी थी.
उसके बोब्स पर मैने जबरदस्त मसाज़ की। उसके कुल्ले उठने लगे थे.
वो मतवाली हो उठी थी.
मैने होंठो को चूमा.
कभी जतिन ने इस तरह किया तेरे साथ.. सच कहना कोमल? नहीं डॉक्टर साहब.. वह तो सीधे ऊपर चढ़ जाते हैं और थोड़ी देर हिल के सुस्त पड़ जाते हैं.. यही तो मुझे देखना है कोमल.. जतिन कह रहा था तुम चिल्लाने लग जाती हो? बहुत अच्छा.. पर अब.. जाँच पड़ताल खत्म हो गई क्या डॉक्टर साहब? आप और क्या क्या करेंगे मेरे साथ? अब मैं वही करूँगा जो एक जवान शक्तिसाली मर्द को, एक सुंदर कामुक खुबसूरत बदन वाली जवान युवती, जो बिस्तर पर नंगी पड़ी हो, के साथ करना चाहिय.. तेरा बदन वैसे भी एक साल से तड़प रहा है.. तेरा कौमार्य टूटने के लिय बेताब है.. और आज यह मर्दाना काम.. मेरा काम अंग करेगा रात भर इस बिस्तर पर.. मेरी उंगली जो अभी भी उसकी चूत मैं थी। ने अचानक एक ज़लज़ला सा महसूस किया.
यह उसका योनि रस था.
जो योनि को संभोग के लिय तैयार होने मैं मदद करता है।. मेरी उंगली पूरी भीग गई थी और रस चूत के बाहर बहकर जांगो को भी भिगो रहा था.
मेरी बात सुनकर उसके बदन मैं एक तड़प सी हुई चुतड ऊपर को उठे और उसके मूँह से एक सिसकी भरी चीख निकल पड़ी.
बाद मैं तोड़ा शांत होकर कोमल बोली.
डॉक्टर साहब.. पर इससे मैं रुसवा हो जाओंगी.. मेरा मर्द मुझे घर से निकाल देगा यदि उसे पता चला की मैं आप के साथ सोई थी.. आप मुझे जाने दीजिए.. मुझे माफ़ केजिए.. तू मुझे मर्द समझती है.. तो मुझ पर भरोसा रख.. मैं आज तुझे भरपूर जवानी का सुख ही नहीं दूँगा.. बल्कि तुझे हर मुसीबत से बचाऊंगा.. तेरा मर्द तुझे और भी खुशी खुशी रखेगा.
वो कैसे डॉक्टर साहब? क्योंकि आज के बाद जब वो तुझ पर चढ़ेगा वो तेरे साथ संभोग कर सकेगा.
जो काम वो आज तक नहीं कर पाया तुम दोनो की शादी के बाद अब कर सकेगा.. और तब तू उसके बच्चे की माँ भी बन जायगी.. पर कैसे डॉक्टर साहब.. कैसे होगा यह चमत्कार.. साहब? कोमल.
प्यारी.. मैने उसकी फटी चोली अलग करते हुए और उसके बोब्स को मसलना शुरू करते हुई कहा.
तेरी योनि का रास्ता बंद है.. उसे आज मैं अपने प्रचंड भीषण लंड से खोल दूँगा ताकि तेरा पति अपना लंड उसमे घुसा सके और अपना वीर्य उसमे डाल सके जिससे तू माँ बन सकेगी.. मेरे मसलने से उसके बोब्स बड़े बड़े होने लगे थे और कठोर भी। उफफफफफफफफ्फ़.
क्या लगती थी वो अपनी पूरी नग्नता मैं.
उन सॉलिड बोब्स पर वो गोल छोटी चुचिया भी बहुत बेचेंन कर रही थी मुझे.
उसका पूरा बदन अब बुरी तरह तड़प रहा था.
नशीले बदन पर पसीने की हल्की छोटी बूँदें भी उभर आई थी.
मेरा लंड बहुत ही तूफ़ानी हो रहा था और अब उसके आज़ाद होने का वक़्त आ गया था।  . डॉक्टर साहब मुझे बहुत डर लग रहा है.. मेरी इज़्ज़त से मत खेलिय ना.. जाने दीजिए.. मेरा बदन.. उूउउइईइमाआ.. मुझ पर यकीन करो कोमल.. यह एक मर्द का वादा है तुझसे.. मैं सब देख लूँगा.. तेरा बदन तड़प रहा है कोमल.. एक मर्द के लिय.. तेरी चूत का बहता पानी.. तेरे कसते हुये बोब्स साफ कह रहे हैं की अब तुझे संभोग चाहिय.. साहब.. हा.. कोमल मेरी रानी.. बोल.. मैं माँ बनूँगी ना.. हा.. मेरा मर्द मुझे अपने साथ रख लेगा ना.. मुझे मारेगा तो नहीं ना.. हा.. कोमल.. तू बिल्कुल चिंता ना कर.. तो साहब फिर अपनी फीस ले लो आज रात.. मेरी जवानी आपकी है.. ओह.. मेरी कोमल.. आ.. जा.. और हम दोनो फिर लिपट गये.
मेरा लंड विशाल हो उठा.
डॉक्टर साहब बहुत प्यासी हूँ.. आज तक किसी मर्द ने नहीं सींचा मुझे.. मेरे तन बदन की आग बुझा दो साहब..
स्रोत:इंटरनेट