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Noor Jahan Ki Gang Bang Sex Story 3

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 . अब आगे चलते हैं।.  . हामिद खान की मुश्कुराहट को देखकर मैं परेशान हो गई, और बाकी सब खुश हो गए। वो मुझे उठाकर स्टाफ रूम में ले आए।  . मैंने बहुत कोशिश की उनसे छूटने की लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। इतनी देर में जुनेद खान भी आ गया और मुझे देखकर पहले हैरान हुआ और फिर बहुत खुश हुआ। वो सब मेरे आस-पास खड़े हुए थे।.  . साहिल बोला- “गश्ती… चल अब देख तेरे 12 यार तुझे कैसे चोदेंगे? छिनाल…”.  . मेरी आँखों में आँसू आ गये। लेकिन उनपे इसका असर नहीं हुआ। मैं अपने हाथों से अपने जिश्म को ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी। अब कमरे में 12 लोग थे। उनके नाम बता दूँ- साहिल, जमील, इमरान, इरफान, सैफ, बाकी 5 लोग जमाल, अल्फ़ा, कामरन, काशिफ, माज और दो पठान जिनके लण्ड इन सबसे बड़े और मोटे थे- हामिद और जुनेद।  . मैं सोच रही थी कि मेरे साथ क्या होगा?.  . फिर साहिल आगे आया और उसने मुझे पकड़कर अपने साथ चिपटा लिया, और मेरे होंठ चूसने लगा।  . मेरे मुँह से सिर्फ “म्*म्म्मह्ह… उउम्म्म्मह्ह…” की आवाज निकल सकी।.  . सब लोग मेरे आस-पास खड़े हो गए और मुझे चूमने लगे। मेरे जिश्म का अंग-अंग उन्होंने चूमा चूसा। मेरे जिश्म पर हर जगह पे निशान पड़ गए। मेरा जिश्म गरम हो गया था। मैं उन सब को रोकना चाह रही थी लेकिन साहिल मेरे. होंठ नहीं छोड़ रहा था।.  . मेरे मुँह से सिर्फ- “न्नहीं म्म्मम… प्लीज़… म्*म्म्मह्ह…” की आवाजें निकल रही थीं। जब कि मेरा जिश्म मेरा साथ नहीं दे रहा था।.  . इतनी देर में हामिद मेरी चूत को हाथ से सहलाने लगा। मेरी चूत से पानी बह रहा था। ये देखकर वो बोला- “साली छिनाल को मजा आ रहा है। ऐसे ही नखरे कर रही है…” और वो सब हँसने लगे।.  . जबकी मैं शरम से पानी-पानी हो गई।.  . तभी साहिल ने मुझे टेबल पे लिटा दिया और कहने लगा- “मेडम को सबसे पहले मैं चोदूँगा क्योंकी मेडम से मैंने बदला लेना है…”.  . सब मान गए।.  . उसने मेरी चूत पे अपना लण्ड रखा और उसको रगड़ने लगा। मेरी तो हालत पतली हो गई। मैं चाहती थी कि वो जल्दी से अंदर डाल दे। इसलिये मैंने अपनी कमर उचकानी शुरू कर दी। ये देखकर उसने अपना लण्ड पीछे खींच लिया।. उसने 2-3 दफा ऐसा किया।.  . फिर आखिर मैं बोल पड़ी- “आअह्ह… प्लीज़्ज़… डाल दो ना… आअह्ह…”.  . साहिल- क्या डालूँ, मेरी गश्ती?  . मैं- “प्लीज़्ज़… अब और नाऽ तड़पाओ…”.  . साहिल- “तू जब तक नहीं कहेगी कि तुझे क्या चाहिए? मुझे कैसा पता चलेगा?”.  . मैं- “प्लीज़… आअह्ह… अपना लण्ड म्*म्म्मेरी चूत में डालो नाअ… ऊऊऊईई…”.  . मेरी बात पूरी होते ही उसने एक बहुत जोर का धक्का मारा था और उसका लण्ड 4 इंच तक मेरी चूत में घुस गया था और मेरे मुँह से बहुत जोर की चीख निकल गई।.  . इसपे वो बोला- “साली 4 इंच घुसने में इतना चिल्ला रही है। जब पूरा अंदर जाएगा तो फिर क्या होगा?”.  . मेरी चूत से खून निकल रहा था। अब मैं लड़की से औरत बन चुकी थी। मैं उसको परे ढकेलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हो पा रहा था। उसने 3 बहुत जोरदार धक्के मारे और पूरा लण्ड मेरी चूत के अंदर था। मुझे ऐसे लग रहा था कि जैसे मैं मार जाऊँगी लेकिन मुझे मौत भी तो नहीं आ रही थी। और चूत में उठने वाला दर्द ना काबिल-ए-बर्दाश्त था।. अब मुझमें चीखने की हिम्मत भी नहीं थी। वो पूरा लण्ड अंदर डालकर थोड़ी देर रुका और फिर बाहर करने लगा। मेरी सिसकियां फिर से निकलने लगीं। ऐसे लग रहा था कि जैसे मेरी चूत में मिर्चें डाल दी हो किसी ने।. आहिस्ता-आहिस्ता मेरा दर्द जाता रहा और मुझे मजा आने लगा। मेरी चूत गीली हो गई और कब मेरी टांगें उसके गिर्द लिपट गईं, मुझे पता भी नहीं चला। अब वो तेज़-तेज़ धक्के मार रहा था और मैं मजे से हवाओं में उड़ रही थी।.  . मेरी आवाजें निकलने लगीं- “ऊऊओह्ह… उउफफ्फ़… माँ… सस्स्स्स्स्स्स्शह… प्लीज़्ज़… और जोर से… आअह्ह… एसे ही… हाआईयी…” और मैं पहली बार लण्ड चूत में जाने के बाद झड़ने लगी, और ना जाने कितनी देर तक झड़ती रही, और उसके बाद सुस्त पड़ गई।.  . लेकिन साहिल के धक्कों में कोई कमी नहीं आई थी। वो मुझे लगतार उसी रफ्तार से चोदता रहा और गालियां देता रहा- “साली छिनाल, रंडी… मजे ले रही है…” और जोर-जोर से मुझे चोदता रहा।  . मैं फिर से गरम हो गई और अपने आप कमर हिलाने लगी।.  . उसने मुझे अपनी आँखों में देखने का कहा तो मैं उसकी आँखों में देखकर कमर हिला रही थी। मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था। मुझे कोई होश नहीं था।.  . मैं सिर्फ जानती थी कि मेरी चूत में उसका लण्ड तेजी से अंदर-बाहर हो रहा है और मेरी बच्चेदानी पर चोट कर रहा है, और मेरा झड़ना फिर से चालू हो गया- “ऊऊओह्ह… आअह्ह… म्*म्म्मह… सस्स्स्स्स… ऐसे ही… ऊऊओह्ह… मैं गई… आआह्ह… मम्म्म… उउफफ्फ़…” पाँच मिनट में मैं दूसरी बार झड़ रही थी। मुझे इतना मजा आ रहा था कि उसको लफ्जों में बयान करना मुश्किल है। मैंने अपनी बाहें उसके गिर्द कस लीं और उसको अपनी तरफ खींचकर पूरी. शिद्दत से चूमने लगी। और साथ-साथ अपनी कमर उचकाने लगी।.  . थोड़ी देर बाद वो बोला- “मेडम, मेरी रखैल बनेगी?”  . मैं- “हाँ…” मेरे मुँह से आवाज निकली।.  . साहिल- “जिससे मैं कहूंगा उससे चुदवाएगी?”.  . मैं- “हाँ…”.  . साहिल- “अपनी गाण्ड मरवाएगी?”.  . मैं- “हाँ…”.  . साहिल- “एक साथ 3 लण्डों से चुदवाएगी?”.  . मैं- “हाँ…”.  . इस बात पे सब हँसने लगे।.  . तब मुझे होश आया कि ये मैं क्या कह गई हूँ? इसपे मैंने शर्माकर अपना मुँह उसके सीने में छुपा लिया। साहिल भी हँसने लगा। उसका लण्ड एक मिनट में 50-60 बार अंदर-बाहर हो रहा था। 30 मिनट गुजर चुके थे। मैं उसके. धक्के खाकर बेहाल हो चुकी थी और मैं कितनी बार झड़ी, ये भी याद नहीं था।  . करीब 30 मिनट उसने मुझे और चोदा। मेरी चूत तब तक बिल्कुल खुश्क हो चुकी थी और मुझे जलन महसूस हो रही थी। मैं उसको रुकने को कहने लगी क्योंकी मेरी चूत का दर्द बढ़ने लगा था लेकिन वो नहीं रुका। मैं फिर से. चिल्लाने लगी- “ऊऊऊईई… प्लीज़्ज़… बस्स… करोऊ… हायई… मेरी म्माँ…”.  . 5 मिनट और चोदने के बाद वो झड़ने लगा और उसकी आवाज आई- “ऊऊऊओ… मेरी रांड मैं झड़ने वालाऽ… हूँ… ले मेरा पानी अपनी चूत में… आह्ह… सस्स्स्सस्स… म्*म्म्मह…” और मेरी चूत में बहुत भीतर कहीं दूर जाकर झड़ा।.  . उसके झड़ने के साथ ही मैं एक बार फिर झड़ गई। मेरी चूत लबालब भर गई। मुझे बहुत राहत महसूस हुई और चूत की जलन बहुत कम हो गई। क्योंकी उसके पानी ने मेरी चूत में पानी का काम किया।.  . साहिल लंबी-लंबी साँसें लेने लगा।.  . मैं उसकी पीठ को सहलाने लगी। मैं इस वक्त बिल्कुल बेहोशी की हालत में पड़ी थी। इतनी जानदार चुदाई के बाद मुझमें हिलने की हिम्मत भी नहीं बची थी।.  . 5 मिनट बाद साहिल मेरे ऊपर से हट गया। उसने लण्ड मेरी चूत से बाहर निकाला।.  . मुझे ऐसे लगा कि जैसे मेरी चूत बिल्कुल खाली हो गई है। मेरी चूत से उसका और मेरा पानी आहिस्ता-आहिस्ता बाहर गिरने लगा। 10 मिनट मैं आँखें बंद किए लेटी रही। मुझे कोई होश नहीं था कि कोई मेरे बारे में क्या. बात कर रहा है? फिर मैंने आँखें खोलीं और उठने लगी। लेकिन मैं खड़ी नहीं हो सकती थी और मेरी चूत फूलकर सूज गई थी।.
स्रोत:इंटरनेट