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Pados Ki Maal Ki Thukai Padosan Sex Kahani 2

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उसने मुझसे सिर्फ यह कहा,”आज रात साढ़े बारह मैं फोन करूंगी ! सागर , मेरा मन नहीं लग रहा है !” और वापस चली गई। मैं एक दम से हैरान रह गया। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था। लेकिन मैं बहुत खुश था । पहली बार किसी से रात को बात करनी थी। गेट बन्द करके अन्दर गया और मम्मी से कहा पता नहीं कौन था? घण्टी बजा कर भाग गया।. 11 बजे सभी सो गए, लेकिन मुझे नींद कैसे आ सकती थी। मैंने दूसरे फोन की तार निकाल दी थी और अपने कमरे वाले फोन की रिंग बिल्कुल धीमी कर दी थी, कमरे का दरवाजा भी बन्द कर लिया था। तकरीबन 12.
35 पर फोन आया। तान्या बहुत ही धीमे स्वर में बोल रही थी। उसने बताया,”विशाल ने हम दोनों को बात करते हुए देख लिया था। इसलिए उसने मुझे तुमसे मिलने और फोन पर बात करने से मना किया है, वह कहता है कि तुम अच्छे लड़के नहीं हो ! लेकिन मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो। तुमसे बात करके बहुत अच्छा लगता है। मैं तुम से बात किए बगैर नहीं रह सकती। इसलिए सागर हम रात को बात किया करेंगे और इस समय हमें कोई डिसटर्ब भी नहीं करेगा !. खास कर विशाल !”. ऐसे ही हमारी बहुत देर बातें होती रहीं और अब तान्या पूरी तरह मेरे जाल में फँस चुकी थी।. मैंने पूछा- तुम कमरे में अकेली ही हो न ? इतनी धीमे क्यों बोल रही हो?. उसने कहा- मेरे कमरे का दरवाजा खुला है और मम्मी पापा साथ वाले कमरे में हैं।. तो मैंने उसको दरवाजा बन्द करने को कहा।. उसने पूछा- क्यों ?. मैंने कहा- उसके बाद मैं तुम्हारे पास आ जाऊंगा, बैड के ऊपर बिलकुल तुम्हारे साथ। तो वह कहने लगी- नहीं ! मुझे तुमसे डर लगता है। तुम मेरे साथ कुछ कर दोगे।. तब मैंने उससे कहा- मैं कभी तुम्हारे साथ जबरदस्ती नहीं करूंगा। जो तुम्हें अच्छा लगेगा हम वही करेंगे।. मैंने कहा- लेकिन तान्या मैं तुम से लड़कियों के बारे में एक बात पूछना चाहता हूं। बताओगी?. उसने कहा “पूछो क्या पूछना चाहते हो। ”. मैंने हिचकचाते हुए कहा मैं मासिक धर्म के बारे में सब कुछ जानना चाहता हूं।. पहले तान्या चुप कर गई लेकिन थोड़ी देर बाद उसने मुझे सब कुछ बताया और उसके बाद हमारी सेक्स के बारे में बातें शुरू हो गई।. मैंने उसको कहा कि मैंने उसके बूब्स देखे हैं। तो उसने कहा आप झूठ बोल रहे हो।. तब मैंने छत वाली बात बता दी कि मैं सब कुछ देख रहा था। वह थोड़ा शरमा गई और कहने लगी कि आप बहुत खराब हो।. उसने कहा कि ऐसा करने से उसको मजा आता है।. मैंने तान्या को अपना हाथ पकड़ाने के लिए कहा।. उसने कहा- फ़ोन पर कैसे ?. मैंने कहा- बस समझ लो कि हम जैसे बोल रहे हैं, वैसे ही कर भी रहे हैं। उसने कहा,”ठीक है ! पकड़ लो लेकिन आराम से पकड़ना !” थोड़ी देर चुप रहने के बाद उसने कहा “तुम्हारे हाथ पकड़ने से सागर मेरे को कुछ हो रहा है, प्लीज अभी मेरा हाथ छोड़ दो !” थोड़ी देर बाद उसने कहा कि जब मैंने पहले उसका हाथ पकड़ा था तब उसकी टांगो के बीच में कुछ हो रहा था उसको बहुत मजा आ रहा था और उसकी चूत में से बहुत पानी निकल रहा था जिस की बजह से वह घबरा गई थी और इसीलिए. उसने मुझे हाथ छोड़ने को कहा था।. तब उसने फिर से हाथ पकड़ने को कहा।. मैंने कहा- ठीक है पकड़ा दो।. थोड़ी देर बाद उसने कहा कि उसकी पैंटी चूत के पानी से बिलकुल गीली हो गई है और उसके चूचुक भी बिलकुल तन गए हैं। तब मैंने उसको अपने कपड़े उतारने को कहा। उसने उठ कर दरवाजा बन्द कर लिया और सारे कपड़े उतार. दिए। फिर उसने बूब्स दबाने शुरू कर दिए और सेक्सी सेक्सी आवाजें निकालने लगी। मेरा लण्ड भी बिल्कुल खड़ा हो चुका था।. तान्या अपनी उंगली से चूत के ऊपर अपनी शिश्निका को दबाने लगी और फिर उसने उंगली चूत के अन्दर डाल ली।. उसके मुंह से आवाजें आ रही थी- आहहहहहहहहहहहहहहह आह आहहहह वह कह रही थी ” सागर प्लीज चोदो मेरे को। अपना लण्ड मेरी चूत में डालो। मेरे मुम्मों को चूसो। जोर जोर से चोदो मेरे को। ”. उस रात हमने सुबह 5 बजे तक बात की। उसको बाद हम अकसर रात को बातें करते थे। लेकिन मैं उस दिन के इंतजार में था जिस दिन मैं उसको असली में चोदूं। आखिर वह दिन आ ही गया जब मेरा सपना सच हो गया।. तान्या के एक रिश्तेदार अचानक बीमार हो गये उसके मम्मी और पापा को उन्हें देखने के लिये जाना पड़ा। किसी भी हालत में उनके तीन दिन तक लौटने की कोई उम्मीद नहीं थी। विशाल दिन भर दुकान पर था। तान्या घर में. अकेली थी। लेकिन मम्मी की वजह से मैं उससे बात नहीं कर पा रहा था। मैं अपने कमरे में चला गया।. मैंने एक सेक्स मैगजीन निकाला और देखने लगा। उसमें कुछ नग्न तस्वीरें थी। मैं उन्हें देख रहा था तभी अचानक पीछे से तान्या आ गई। उसने पूछा- क्या देख रहे हो? और वह मेरे बेड पर बैठ गई।. मैंने पूछा- मम्मी से क्या कहा है?. उसने कहा- आन्टी ने मुझे यहां आते हुए नहीं देखा।. तभी मैं उठा और मम्मी से कहा- मैं सोने लगा हूं !. मैंने दरवाजा अन्दर से बन्द कर लिया। फिर मैंने उसके सामने वह किताब रख दी वह उसे देखने लगी। फिर हम दोनों सेक्स के बारे में बातें करने लगे। मैं उठकर उसके पीछे खड़ा हो गया। मैंने उसके कन्धे पर अपना हाथ. रखा और झुककर उसके कन्धों को चूम लिया। उसने कुछ भी प्रतिरोध नहीं किया यह मेरे लिये बहुत था।. मैं उसके सामने बैठ गया और उसके होठों को चूम लिया। मेरा हाथ तेजी से उसकी कमर में पहुँच गया और कसकर पकड़ कर उसे अपनी ओर खींच लिया। मेरे हाथ उसके वक्ष पर पहुँच गए और ऊपर से ही दबाने लगा।. उसके मुँह से प्रतिरोध के शब्द निकले- ओहहहहहहहहहहह नहीं ! बस करो सागर ।. लेकिन उसके हाथो ने उतना एतराज नहीं जताया। उसने एक ढीली ढाली टी-शर्ट और साइकलिंग-शॉर्ट पहन रखा था। मेरा हाथ उसकी टी-शर्ट के अन्दर उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बड़े बड़े मुम्मों को दबाने लगा। मेरी जीभ. उसके मुँह में घूम रही थी। अब उसकी तरफ से भी सहयोग मिलने लगा था। मैंने उसकी टी-शर्ट निकाल दी। उसने पहले ना नुकुर की लेकिन मेरे हाथ का जादू उसके दिलो दिमाग पर छा रहा था। उसका प्रतिरोध नाममात्र का था।. मैं उसके स्तनों को उसकी ब्रा के ऊपर से ही मुँह में लेने लगा।. मेरा दूसरा हाथ उसकी जांघों के बीच के भाग को उसके कपडों के ऊपर से ही सहलाने लगा। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। उसका भरपूर यौवन मेरे सामने था, जिनको मैंने बिना एक पल की देरी किये अपने मुँह में ले लिया। वह अपने वश में नहीं थी उसने मुझे कसकर पकड़ लिया।. मैंने उसके बाकी बचे कपड़ों को उतार फेंका और उसे बेड पर लिटाया। मैंने अभी तक अपने कपड़े नहीं उतारे थे, मैंने अपने कपड़े उतार दिये। मैं अब सिर्फ अन्डसागरयर में था और उसके ऊपर वापस झुक गया, उसके निप्पल को मुँह में ले कर चूसने लगा। मेरे हाथ उसकी जांघों के बीच की गहराइयों तक पहुँच गये और उसके जननांग को सहलाने लगे। उसने अपना हाथ मेरी अन्डसागरयर में डालकर मेरे मोटे लंड को बाहर निकाल लिया। मेरा लंड उसके. हाथ में पूरा नही आ रहा था । मेरा मोटा और लंबा लंड आधा उसके हाथ में था और आधा हाथ के बाहर था.
स्रोत:इंटरनेट