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Papa Ka Tagda Lauda Papa Sex Stories

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जब मैं अपने होंठो को पापा के होंठों के कुछ ज्यादा ही पास ले गयी तो वो भी सबर खो बैठे और मुझे जोरों से चूमने लगे.
फिर उन्हें होश आया पर अब तो बहुत देर हो चुकी थी, आग लग चुकी थी.
इन papa sex stories का लास्ट पार्ट.. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. अब पापा भी सबर खो रहे थे वो भी मुझे किस कर रहे थे और अब उनके हाथ मेरे बदन पर घूम रहे थे.
मैंने फिर पापा के मूंह में अपनी जीभ दे दी और पापा ने मेरी और देखा और बिना कुछ बोले फिर से मेरी जीभ को चूसने लगे.
अब सही मौका था मैं पापा के लंड के ठीक ऊपर आ गयी और अपनी गांड को पापा के लंड पर घिसने लगी.
पापा के लंड को छूते ही मुझे एहसास हो गया था कि वो कड़क हो चूका है..अब मैंने अपने हाथ को नीचे किया और पापा की धोती में उसे डाल ही रही थी कि पापा ने मेरे हाथ को पकड़ लिया और अपने मूंह से मेरी जीभ को भी निकाल दिया और बोले-. ‘हे भगवान..प्रीति तुम ये क्या कर रही हो..मैंने भी ये क्या कर दिया..’ पापा ने अपने मूंह पर हाथ रखते हुए कहा.
पापा अब उठकर बैठ गए थे और मेरी ओर देख रहे थे.
मैं भी पापा के साथ ही बैठ गयी और पापा के सामने सर झुका कर बैठी रही और सर नीचे करके ही मैंने हलकी सी आवाज़ में कहा  . ‘पापा आई एम् सॉरी..पर आपको शाम को देखने के बाद मुझे सुमन से जलन होने लगी है.
रोनक (मेरे पति ) से तो 5 मिनट भी कर पाना मुश्किल है और आप को देखकर मुझे पता नहीं क्या हो रहा है.
’ मैं इतना कहकर पापा बैठ गए थे तो उनकी गोद में सर रख दिया और बेटी की तरह लेट गयी.
पापा ने अपनी गोद में सोने से मना नहीं किया.
 . ‘नहीं बेटा..तुम्हारी मुश्किल ठीक है, पर तुम जो कर रही हो वो गलत है.
’ पहली बार मेरे पापा ने मेरे सर पर प्यार से हाथ घुमाकर बात की थी.
मैं पापा की बात सुन रही थी पर मुझे तो सेक्स का भूत सवार था.
पापा बात कर रहे थे तभी मैंने पापा की धोती पर से ही पापा के लंड को पकड़ लिया..और उसे अपनी मुट्ठी में मसलने लगी.
 . ‘नहीं प्रीति ऐसा मत करो..तुम समझदार लड़की हो.
’ पापा अभी भी मना कर रहे थे.
पर मैं रूक नहीं रही थी.
मैंने पापा की धोती की गाँठ खोल दी और पापा के लंड को हाथ में पकड़ लिया.
पापा भी मेरा हाथ छूते ही जैसे करंट लगा हो ऐसे हिल गए.
 . ‘देखो प्रीति, मुझे गुस्सा मत दिलाओ.
मुझे मजबूर मत करो..’ पापा अब मुझे डराना चाहते थे.
मैंने अब तक पापा के लंड को आज़ाद कर दिया था और वो बाहर आ गया था.
मैंने पहलीबार इतना बड़ा लंड देखा था.
पापा के लंड को देखते ही मैं गॉद में से उठकर बैठ गयी और पापा के लंड को देखने लगी.
पापा ने पास में पड़ी चादर से उसे ढक लिया.
 . तो मैंने पापा की ओर देखा और पापा को झट से धक्का दे कर लिटा दिया, इससे पहले की पापा कुछ समझे मैं पापा पर चढ़ गयी और 69 की पोजीशन में आ गयी और चादर हटाकर पापा के लंड को अपने मूंह में ले लिया.
 .  .  . लंड इतना मोटा था की मेरे मूंह में भी नहीं समां रहा था.
मेरी गांड पापा की ओर थी, पापा ने अपनी ताकत से मुझे एक ओर हटा दिया पर मैंने पापा के लंड को नहीं छोड़ा.
मैं चुस्ती गयी अब पापा को पता नहीं गुस्सा आ गया और उन्होंने मुझे जोर से पकड़ कर धक्का दे दिया.
 . पापा की ताकत इतनी थी कि मैं सामने की दीवार से टकरा गयी.
मैं अब हार चुकी थी, मुझे लगा था कि जबतक मैं पापा के पास रहूंगी तब तक उन्हें मना सकती हूँ पर अब वो गुस्सा हो गए थे और उन्होंने मुझे अलग कर दिया था, अब वो नहीं मानेंगे.
मैं उनकी और पीठ कर के दीवार से चिपक कर खडी थी, और दीवार को मारने लगी.
 . पर इतने में पता नहीं पापा को क्या हुआ कि वो मेरे पास आये और जोर से मुझसे टकरा गए, मुझे और भी दिवार से चिपका दिया.
उन्होंने मुझे कस कर दीवार से सटा दिया था.
फिर उन्होंने मेरे दोनों हाथो को पकड़ा और मेरे दोनों हाथो को अपने हाथो से दोनों और फैला दिए और मेरे कान में बोले..  . ‘किसी को पता तो नहीं चलेगा..’ मैं मन ही मन खुश हो गयी पर मैंने पापा की बात का जवाब नहीं दिया.
उन्होंने मुझे पकड़ कर पलटा दिया और अपनी ओर घुमा लिया.
मैं नीचे देख रही थी तो उन्होंने मेरे चेहरे को ऊपर किया..और मेरे होठ पर होठ रख कर मुझे किस करने लगे.
मैंने उन्हें अपने से हटा दिया और कहा  . ‘ऐसे ही प्यार करना था तो वो तो रोनक भी करता है..मुझे सुमन की तरह जंगली प्यार चाहिए.
’ मैंने बेशरम बनते हुए पापा से कहा.
पापा भी मेरी बात सुनते ही मुझसे चिपके हुए थे तो थोड़े से दूर हुए और मेरी ओर देखा मैं भी बड़ी अदब से उनकी ओर देख रही थी की वो अब क्या करते हे.
इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती वो मेरे पास आये अपने दोनों हाथ मेरे ब्लाउज पर रक्खे और एक ही झटके में मेरे ब्लाउज को फाड़ दिया.
 .  . मैं तो पापा को देखती ही रह गयी, इससे पहले कि मैं और कुछ समझू उन्होंने मेरे बूब्स को अपने दोनों हाथो में दबोच लिया, उनके हाथो में कितना जोर होगा आप समझ ही सकते हो, उनके हाथो ने जैसे मेरे बूब्स को दबाया कि मैं सहन नहीं कर सकी और 3 इंच ऊपर हो गयी.
फिर पापा ने मुझे फिर से पकड़ा और बिछाने की ओर धक्का दिया.
 . मैं बिछाने पर गिरी और मैंने उनकी ओर देखा, अब उनमे चौधरी वाला मर्द जाग गया था, वो सच में मेरी ओर ऐसे बढ़ रहे थे की मानो मेरा रेप करनेवाले हो.
मैं अब सच में खुश हो गयी और मैंने अपने आप ही अपनी साड़ी को जिस्म से निकाल दिया.
अब मैं सिर्फ पेन्टी में थी.
मुझे ऐसे देखकर वो मेरे ऊपर झपटे और मुझे बालों से पकड़ा और मुझे घुटनों के बल पर बैठा दिया और अपना लंड मेरे मूंह में डाल दिया.
 . उनका लंड मेरे मूंह में आधे से ज्यादा नहीं जा रहा था पर उन्होंने मेरे सर को पीछे से पकड़ा और मेरे सर को हिला हिला कर अपने लंड को मेरे मूंह में घुसाने लगे.
जब पूरा लंड मेरे मूंह में चला गया तो उन्होंने कुछ भी नहीं किया बस मेरे सर को पकड़ के रक्खा, अब मेरे से सांस भी नहीं ली जा रही थी, मैं अपने हाथ को उनके घुटनों पर मारने लगी.
 . फिर भी उन्होंने नहीं छोड़ा, थोड़ी देर मुझे तड़पाया और फिर मुझे छोड़ा.
और अपने लंड को बाहर निकाला, और मैं अपनी छाती पर हाथ रख कर सांस ले रही थी, पर उन्होंने फिर से मेरे मूंह को पकड़ और लंड को अन्दर डाल दिया और इस बार लंड को अन्दर बाहर करने लगे.
इतनी जोर से कर रहे थे कि फिर से मुझे सांस लेने नहीं दे रहे थे.

स्रोत:इंटरनेट