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Reena Ki Choot Ki Tadap Hindi Erotic Story

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रीना और सलोनी दोनों राजू से चुद ली और संतुष्ट थीं। उनको लगा राजू का लंड ही सब कुछ है पर उनको एक उससे भी ‘बड़ा’ सरप्राइज मिलने वाला था। एक नया खिलाडी आ रहा है मैदान में। इस hindi erotic. story का आखिरी भाग।. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. सलोनी बोली, “हाँ दीदी, बहुत मज़ा आया। मैं इसी मज़े के लिये शादी के बाद से ही तड़प रही थी!” मैंने कहा, “अब तो तुम गौरव से खफ़ा नहीं रहोगी?” वो बोली, “अगर गौरव मुझे राजू से चुदवाने से मना नहीं करेगा तो मैं उससे कभी भी खफ़ा नहीं रहुँगी।” वो दोनों थोड़ी देर तक एक दूसरे को चूमते हुए लेटे रहे। दस मिनट बाद राजू सलोनी के उपर से हट गया और उसकी बगल में ही लेट गया। मैंने देखा कि सलोनी की चूत का मुँह एक दम चौड़ा हो चुका था। उसकी चूत एक दम गुलाबी. हो गयी थी और कई जगह से एक दम कट फट गयी थी। एक घंटे तक आराम करने के बाद सलोनी बाथरूम जाना चाहती थी लेकिन वो उठ नहीं पा रही थी। राजू उसे गोद में उठा कर बाथरूम ले जाने लगा तो मैंने देखा कि राजू का लंड. फिर से खड़ा होने लगा था। राजू सलोनी को लेकर बाथरूम में चला गया।. जब दस-पंद्रह मिनट तक राजू वापस नहीं आया तो मैं गौरव के साथ बाथरूम में गयी। मैंने देखा कि राजू बाथरूम में ही सलोनी की डॉगी स्टाईल में बुरी तरह से चुदाई कर रहा था। सलोनी भी एक दम मस्त हो कर उससे चुदवा. रही थी। मैंने राजू से कहा, “तुम इसे बेडरूम में ला कर इसकी चुदाई करते तो क्या मैं तुम्हें मना कर देती?” राजू ने कहा, “ऐसी बात नहीं है। ये जब पेशाब कर चुकी तो मुझसे रहा नहीं गया। मैंने इनसे कहा कि मैं फिर से चोदना चाहता हूँ तो इन्होंने कहा कि यहीं चोद दो ना और मैंने इन्हें चोदना शुरू कर दिया!” मैंने कहा, “ठीक है!” उसके बाद मैं गौरव के साथ बेडरूम में आ गयी। करीब आधे घंटे के बाद राजू सलोनी को गोद में उठा कर ले आया और उसे बेड पर लिटा दिया। सलोनी की चूत एक दम सूज चुकी थी। मैंने सलोनी से पूछा, “इस बार कैसा लगा?” वो बोली, “इस बार चुदवाने में इतना मज़ा आया कि मैं बता नहीं सकती। राजू ने इतनी बुरी तरह से मेरी चुदाई की है कि मैं इसका धक्का बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। इस बार की चुदाई ने मेरे जिस्म का सारा जोड़ हिला कर रख दिया!”. मैंने कहा, “अब तो खुश हो?” वो बोली, “हाँ, अब मैं बहुत खुश हूँ!” अगले दो दिनों तक गौरव साईट पर अकेला ही गया। मैं सलोनी और राजू के साथ घर पर रही ताकि सलोनी दिल भर्र कर राजू से चुदवा सके। राजू ने दो दिनो में सोलह मर्तबा सलोनी की चुदाई की। सलोनी की चूत का मुँह एक दम. खुल चुका था। लेकिन उसे अब भी चलने फिरने में दिक्कत हो रही थी। उसकी चूत राजू से चुदवा-चुदवा कर एक दम सूज गयी थी और किसी डबल-रोटी की तरह फूल चुकी थी। उन दो दिनों में मैंने राजू से एक बार भी नहीं. चुदवाया, केवल सलोनी ही चुदवाती रही। मैं भी चुदवाने का खूब मज़ा लेना चाहती थी। मेरे मन में ख्याल आया कि मुझे किसी दूसरे मर्द का इंतज़ाम कर लेना चाहिए। तभी हम दोनों चुदाई का खूब मज़ा ले पायेंगी। तीसरे दिन मैं गौरव के साथ दूसरी साईट परगयी। वो साईट एक आदिवासी इलाके में थी। सलोनी और. राजू घर पर ही थे। मैंने उस साईट पर भी एक आदमी देखा। वो आदिवासी था और उसका रंग एक दम साँवला था लेकिन था बहुत ही हट्टा कट्टा। उसका लंड मुझे राजू के लंड से भी मोटा और लंबा लगा। मैंने गौरव से उसे भी घर पर. काम करने के लिये रखने को कहा। गौरव ने उससे बात की तो वो राज़ी हो गया। उसका नाम शंकर था। वो हमारे साथ घर आ गया।. जब उसे मालूम हुआ कि उसे मेरी और सलोनी की चुदाई करनी है तो उसने इनकार कर दिया। मैंने उस से वजह पूछी तो उसने कहा, “मेरा लंड बहुत ही लंबा और मोटा है। मैं एक घंटे के पहले नहीं झड़ पाता। मैं पहले भी दो लड़कियों को चोद चुका हूँ। एक बार की चुदाई में ही उनकी चूत बुरी तरह से फट गयी थी और उन्हें असपतालमें भर्ती होना पड़ा। उसके बाद मैंने कसम खायी कि अब मैं किसी की चुदाई नहीं करूँगा!”. मैंने कहा, “ठीक है, तुम राजू का लंड देख लो। हम दोनों ने बड़े आराम से इसके लंड से खूब चुदवाया है।” मैंने राजू से कहा, “तुम शंकर को अपना लंड दिखा दो!”hindi राजू ने शंकर को अपना लंड दिखाया तो शंकर ने कहा, “इसका लंड तो मेरे लंड से बहुत पतला और छोटा है।” मैंने शंकर से कहा, “जरा मैं भी तो देखूँ कि तुम्हारा लंड कैसा है?” वो बोला, “हाँ, मैं अपना लंड जरूर दिखा सकता हूँ लेकिन मैं आप दोनों को चुदूँगा नहीं!” शंकर ने अपना निक्कर उतार दिया। उसका लंड देख कर मैं घबरा गयी। उसका लंड वाकय में माशा अल्लाह काफ़ी लंबा और मोटा था। मैंने कहा, “अभी तुम्हारा लंड ढीला है। पहले इसे खड़ा करो। उसके बाद ही तुम्हारे लंड के सही साईज़ का पता चलेगा।”. उसने कहा, “इसे आप दोनों को ही खड़ा करना पड़ेगा!”  . शंकर के लंड को देख कर सलोनी बहुत जोश में थी और वो उसके लंड को लालच भरी निगाहों से देख रही थी। मैंने सलोनी को इशारा किया तो उसने शंकर का लंड सहलाना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में शंकर का लंड खड़ा होने. लगा। उसका लंड खड़ा होने के बाद किसी मूसल की तरह नज़र आ रहा था। शंकर का लंड करीब नौ इंच लंबा और तीन इंच चौड़ा था।.  . मैंने थोड़ा सोचते हुए कहा, “हम दोनों तुम्हारे लंड से चुदवाने के लिये तैयार हैं!”  . सलोनी ने तुरंत ही कहा, “दीदी, मैं शंकर से नहीं चुदवाऊँगी। बस तुम ही चुदवा लो!”  . मैंने पूछा, “क्यों, क्या हुआ?”  . वो बोली, “मैं इसका लंड अपनी चूत के अंदर नहीं ले पाऊँगी। मेरी चूत का पहले से ही बहुत बुरा हाल है। मेरी चूत एक दम फट जायेगी।”  . मैंने कहा, “मज़ा नहीं लेना है?”  . वो बोली, “मज़ा तो मैं भी लेना चाहती हूँ। लेकिन मुझे शंकर के लंड को देख कर बहुत डर लग रहा है!”  . मैंने कहा, “जब मैं चुदवा लुँगी तब तो तुम्हारा डर खतम हो जायेगा!”  . वो बोली, “पहले तुम चुदवा लो। मैं बाद में सोचुँगी।”  . मैंने शंकर से कहा, “पहले तुम मुझे चोद दो। सलोनी बाद में चुदवायेगी!”  . शंकर भी लंड खड़ा होने के बाद जोश में आ चुका था। उसने मुझसे कहा, “आप सोच लो। मुझसे चुदवाने में अगर आपकी चूत फट गयी तो बाद में मुझे दोष मत देना।”  . मैंने कहा, “मैं तुम्हें कुछ भी नहीं कहुँगी।” फिर मैंने गौरव से कहा, “गौरव मुझे एक ग्लास में व्हिस्की भर के दे दो… नशे में मैं इसका लंड मज़े से झेल लुँगी!”  . गौरव ने जल्दी से एक ग्लास में तीन पैग जितनी व्हिस्की डाल कर मुझे दे दी और मैंने जल्दी-जल्दी गटकने लगी। मुझे गले और पेट में जलन तो हुई पर मैं जल्दी से नशे में मदहोश होना चाहती थी।. शंकर बोला, “आपकी मर्ज़ी है लेकिन पहले मुझे कोई क्रीम या तेल दे दो। मैं अपने लंड पर लगा लूँ। उसके बाद मैं आपकी चुदाई करूँगा।”
स्रोत:इंटरनेट