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Rikshewala Aur Indian School Girl Sex Story 2

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आखिरकार उसने ही बात को फिर से आगे बढ़ाया-. “अच्छा ये बताओ वो और क्या बोल रहा था?….
” “छोड़ो बेवी जी आप गुस्सा हो जाती है…..” रिक्शेवाले को पता चल चुका था कि चिड़िया दाना चुग रही है।. “तुम ज्यादा बोलने लगते हो इसलिये…….
तुमको नहीं पता एक लड़की से कैसे बात करते हैं?” “अब बेवी जी हम ठहरे अनपढ़ लोग….
कभी स्कूल-कॉलेज का मुँह तो देखे नहीं…….
अब हम लोगों को क्या पता कि क्या बोलना चाहिये क्या नहीं…….
”-रिक्शेवाले ने दाना डाला। “अच्छा ठीक है……तुम्हें जैसे बताना है बताओ……”-लड़की का पूरा शरीर भी रिक्शेवाले की बातें सुनकर गुदगुदाने लगा. था।. अब रिक्शे वाले को मानों हरी झंडी मिल गई। क्या झूठ, क्या सच। एक बार फिर वो मस्ती में गोते खाने लगा। “अरे बेवी जी वो बहुत बड़ा कमीना है…….
बोल रहा था कि आप लोगों के वहाँ पर अभी हल्की-हल्की भूरी-भूरी झाँट आई होगी….
”-रिक्शेवाले का लौड़ा कच्छे में हिनहिना पड़ा। रिक्शेवाले की बात सुनकर लड़की की भी योनि धुकुर-धुकुर करने लगी। दिमाग तो कह रहा था कि इस तरह की बातें न. सुने लेकिन दिल कि मस्ती दिमाग पर हावी होने लगी।. “ये क्या होता है?”-लड़की नें अंजान बन कर पूछा।. “ओहो…..बेवी जी आपको झाँट का मतलब भी नहीं पता है…..बताना बड़ा मुश्किल है हाँ….
अगर आप कहे तो मैं आपको दिखा सकता हूँ……”. लड़की का दिल जोरों से धड़क उठा। न चाहते हुये भी हकला पड़ी- “क….
क…कैसे?” इस वक्त रिक्शा एक ऐसी जगह से गुजर रहा था जहाँ चारों ओर खेत ही खेत था।. रिक्शे वाले को मानों मौका मिल गया।. “बस एक मिनट रुकिए……”. उसने ब्रेक मारकर रिक्शा एक आम के पेड़ के नीचे खड़ा कर दिया।. ये मुख्य सड़क से कटी हुई एक सड़क थी जो मिश्रा कालोनी की तरफ जा रही थी।. सड़क के दोनों छोर पे घुमावदार मोड़ था।. अधिकतर ये सड़क सूनसान ही पड़ी रहती थी।. रिक्शेवाला नीचे उतरा और अपना पैजामा खोलकर थोड़ा दूर जाकर मूतने लगा।. लड़की चुपचाप चेहरा नीचे किये उसे मूतता हुआ देख रही थी।. उस वक्त उसका दिल बहुत जोर-जोर से धड़कने लगा था।. पता नहीं रिक्शावाला अब क्या करें?. ये सोचकर कक्षी के नीचे उसकी योनि भी धुकुर-धुकुर करने लगी थी।. मूत चुकने के बाद वह खड़ा हुआ और नाड़ा बांधने का बहाना करता हुआ लड़की के पास आया।. उस वक्त उसकी निगाहें दोनों छोर का बार-बार मुआयना कर रहीं थीं। कहीं कोई आ तो नहीं रहा।. लड़की के पास पहुंच कर पैजामें को नीचे सरकाता हुआ वो बोला-. “बेवी जी……इधर देखिये…….
ये है झाँट……” उसने अपने लौड़े के चारों तरफ उगी हुई काली-काली झाँटों को हाथ में पकड़कर दिखाया।. लड़की ने धड़कते दिल के साथ जब उसके लौड़े की तरफ देखा तो रोमांच के मारे मानों उसका दिल उसके गले में आकर. अटक गया हो।. रिक्शेवाले का काला-काला मोटा सा 8 इंच का लौड़ा तन्नाया हुआ उसी को देख रहा था। उस वक्त लौड़े से अजीब तरह की. पेशाब की बू आ रही थी लेकिन जिन्दगी में पहली बार किसी जवान आदमी का लौड़ा देखकर मानों उसके होशो हवाश उड़. गये थे।. रिक्शेवान बड़ी पैनी निगाहों से लड़की के हाव-भाव को ताड़ रहा था।. उसे समझते देर नहीं लगी की लौंडिया अभी पूरी तरह से कोरी है।. उसने लौड़े को मुट्ठी में पकड़कर जोर से हिलाया-. “इसको कहते हैं लौड़ा……..रोज रात को इसी से अपनी बीवी की गाँड़ चोदता हूँ….. जब कस के चापता हूँ तो पाद मारती है……..” रिक्शेवान को मस्ती ज़रूर चढ़ी थी लेकिन वो पूरी तरह से चौकन्ना था।. तभी दूर से किसी मोटर साइकिल की आवाज आती हुई महसूस हुई।. रिक्शेवाले की फट पड़ी। तुरन्*त सीट पर आ बैठा और पैडल मारने लगा।. कुछ ही देर में एक मोटर साइकिल उसको क्रास करते हुये आगे निकल गई।. तब जाकर उसकी जान में जान आई।. रास्ते का सन्नाटा एक बार फिर उसके दिमाग में चढ़ने लगा-. “बेवी जी एक बात पूछूं…….
” “……”-लड़की की मानों बोलती ही बंद हो गई थी।. पर रिक्शेवाला तो अपनी ही मस्ती में मगन था।. “क्या आपके भी वहाँ पर झाँट हैं?……”. तब एकाएक मानों लड़की को होश आया हो। एक रिक्शेवाला अपनी औकात से कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ रहा है।. “तुमसे मतलब…….
चुपचाप अपना काम करो….
”-लड़की ने रिक्शेवाले को घुड़का। “ये तो कोई बात नहीं हुई बेवी जी……..आपने तो हमारा देख लिया और जब अपनी बारी आई तो गुस्सा दिखा रही हैं। जैसे की हम रिक्शेवालों की इज्जत कोई इज्जत ही नहीं है।…..”- रिक्शेवान अब कहाँ बाज आने वाला था। “मैंने थोड़ी न कहा था तुमको दिखाने के लिये…….
”-लड़की ने भी जवाब दिया। रिक्शेवान की नजर आस-पास उगे खेतों पर बड़ी बारीकी से फिर रहीं थीं।. थोड़ी दूर आगे जाकर हल्का सा सन्नाटा दिखा तो ढीढता पर उतर आया-. “देखिये बेवी जी……जो हो लेकिन आपने मेरा देखा है…..अब आपको भी अपना दिखाना पड़ेगा वरना मैं सब को बता दूँगा की आपने मेरा लौड़ा देखा है…… आपकी बदनामी हो जायेगी……”. रिक्शेवाले की ऐसी ढीढता देखकर लड़की का दिल जोरों से धड़क उठा।. “त…तुम चाहते क्या हो?”. “कुछ नहीं……भला मैं गरीब आदमी आपसे क्या चाह सकता हूँ…..आज तक मैंने किसी गोरी लड़की की झाँट नहीं देखी बस एक बार आप दिखा दीजिये सारी बात यहीं कि यहीं खत्म हो जायेगी…..” “नहीं…….
तुम किसी को बता दोगे तो…”- लड़की को भी लगा कि बात अगर इतने से खत्म हो रही है तो क्या फायदा आगे बढ़ाने से। दिखा-विखा कर फुरसत लो।. रिक्शेवान की आंखों में मानों कमीनेपन के हजारों जुगनू चमक उठे।. मुँह में पानी आ गया।. मंझा हुआ खिलाड़ी था शिकार को फाँसना अच्छी तरह से आता था।. “मैं भला किसी को क्यों बताउंगा…….
आपने मेरा देखा मैने आपका देखा…हिसाब बराबर….
कहानी खतम….
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लेकिन यहाँ नहीं……” “तो फिर कहाँ…?”-लड़की की योनि इस बात से चुनचुनाने लगी थी कि आज पहली बार कोई आदमी उसे देखने वाला था।. “अंदर…अरहर के खेत में…….
यहाँ सड़क पर कोई आ गया तो आपकी भी बदनामी होगी और मेरी भी…..” रिक्शेवाले ने रिक्शे को सड़क के एक किनारे खड़ाकर दिया।. लड़की का दिल डर के मारे जोर-जोर से धड़क रहा था।. “जल्दी से देखना…….
फिर मैं चली आउंगी……” रिक्शेवान भी कहाँ पीछे रहने वाला था-. “तो और क्या यहाँ पर आपका नाच देखूँगा…..पहले तुम जाओ फिर मैं आता हूँ…..खेत में जाते ही ऐसे बैठ जाना जैसे मूत रही हो ताकि किसी को शक न हो……”. लड़की अपना बैग रिक्शे पर ही छोड़कर अरहर के खेत में घुस गई।. इधर रिक्शेवाले की शैतान खोपड़ी सक्रिय हो गई।. उसने लड़की का बैग सीट के नीचे डाला और वही से तेल की एक शीशी निकालकर पहले गौर. से इधर-उधर देखा और फिर लपक कर खेत में घुस गया।. कुँवारी बोरी जो फाड़नी थी।. अरहर के थोड़ा अंदर जाते ही उसे वो लड़की बैठी हुई नजर आई।. रिक्शेवाले ने पहले आस-पास अरहर के पौधों को तोड़कर एक खुली जगह बनाई फिर अपना पैजामा. और कुर्ता उतारकर वहाँ पर फैला दिया।. “तुम कपड़ा क्यों उतार रहे हो?…..”लड़की का दिल और योनि धुकधुकाने लगी। “इसलिये ताकि तुम आराम से इस पर लेट जाओ और मैं तुम्हारी झाँट को देख सकूँ…..अब खड़ी हो जाओ और कछि नीचे सरकाकर जैसे मूतने बैठती हो वैसे ही बैठ कर अपनी वो दिखाओ….
” “जल्दी से देखना उसके बाद मैं चली जाउंगी…..” लड़की को हालांकि शरम तो आ रही थी लेकिन बिना दिखाये काम भी नहीं चलने वाला था।. लड़की ने एक बार रिक्शेवान की तरफ देखा जो उसकी गोरी-गोरी टाँगों को घूर-घूर कर देख रहा था। स्कर्ट के अंदर हाथ. डालकर उसने धीरे से कछि की इलास्टिक में ऊंगली फँसाई और धीरे से उसे नीचे सरका कर जल्दी से बैठ गई।रिक्शेवान.
स्रोत:इंटरनेट