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Sali Aadhi Gharwali Sali Sex Story

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मेरी छोटी उम्र में ही शादी हो गयी थी, मेरे पति मुझसे बहुत बड़े और भारी थे.
सुहागरात के ख्याल से डर लग रहा था.
ऊपर से मेरे जीजाजी भी कम नहीं थे.
मेरी ये sali sex story आपको जरूर खुश करेगी.. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पहले में मेरे बारे में बता दू में अजमेर की रहने वाली शादीसुदा ३० साल की औरत हु मेरे १० साल का लड़का भी हे जो छटी क्लास में पढता हे हम ३ बहने हे में सबसे छोटी हु मेरी सबसे बड़े जीजाजी मुझ पर मरते थे. मुझे पता नहीं था बाद में उन्हीने ही बताया था हमारी शादी को काफी साल हो गए थे जब भी जीजाजी अजमेर आते तो मुझसे हंसी मजाक करते थे में मासूम थी सोचती थी में छोटी हु इसलिए मेरा लाड रखते हे इसलिए वे कबी. यहाँ वहा हाथ भी रख देते थे तो में ध्यान नहीं देती थी कभी वो मुझे अपनी बाँहों में उठा कर कर मुझे कहते थे अब तुम्हारा वजन बढ़ गया हे वेसे में बहुत दुबली पतली हु मेरा चेहरा और बदन करीना कपूर से मिलता. जुलता हे मेरा बोलने चलने का अंदाज़ भी करीना जेसा हे इसलिए मुझे कोई करीना कहता हे तो मुझे ख़ुशी होती हे मेरे जीजाजी करीब ४६-४७ साल के हे ५.
१० फुट उनकी लम्बाई हे अच्छी बॉडी हे बाल उनके कुछ उड़ गए हे पर फिर भी अच्छे लगते हे पर मेने कभी उनको उस नजर से नहीं देखा था मेने उनको सिर्फ दोस्त और बड़ा बुजुर्ग ही समझा था. मेरे पति थोड़े ठिगने हे करीब ५.
४ फुट के में भी इतनी ही लम्बी हु मेरे पति चेनई में काम करते हे ६-७ सातवी पढ़े हुए हे जबकि में ऍम.
ऐ.
किये हु मेरी शादी बचपन में मेरी बहनों के साथ ही कर दी थी जब में शादी का मतलब ही नहीं जानती थी मेरी बड़ी बहिन ही बालिग थी बाकि हम दो बहनों के लिए तो शादी एक खेल ही था में सिर्फ ८ साल की थी जबकि मेरी बहिन १८ की थी बिच वाली बहिन १२ साल की !उस वक्त हम दोनों बहनों की सिर्फ. शादी हुई थी जबकि बड़ी बहन का गौना भी साथ ही हुआ था वो तो ससुराल आने जाने लग गई हम दोनों एक बार जाकर फिर स्कूल पढने जाने लगी हमें तब तक किसी बात का कोई पता नहीं था जीजा जी जीजी के साथ आते हम बहुत खुश. होते हंसी मजाक करते मेरी माँ कभी कभी चिढती और कहती अब तुम बड़ी हो रही कोई बच्ची नहीं हो जो अपने जीजा जी से इतनी मजाक करो पर में ध्यान नहीं देती थी फिर मेने नवी क्लास पास कर ली तो मेरे ससुराल से समाचार. आने लग गए की इसको ससुराल भेजो इसका गौना करो जबकि में उस वक्त १५ साल की थी ये ९५ की बात हे मेरे जीजा जी की जुलाई ९५ में नोकरी लगी ही थी इसलिए वो नहीं आ सके और में मासूम नादान सी ससुराल चली गई उस वक्त. मुझे साड़ी पहनना भी नहीं आता था हम राजस्थान में ओढ़नी और कुर्ती कांचली गागरा पहनते हे में भी ये कपडे पहन के चली गई जो मेरे दुबले पतले सरीर पर काफी ढीले ढाले थे मुझे सेक्स की कोई जानकारी नहीं थी हमारा. परिवार ऐसा हे इसमें ऐसी बात ही नहीं करते हे न मेरी बड़ी बहन ने कुछ बताया ना ही मेरी माँ ने बाद में मुझे पता चला की मेरी सास ने जल्दी इसलिए की कि में पढ़ रही थी उसका बेटा कम पढ़ा था वो सोच रही थी कि इसे. जल्दी ससुराल बुला ले नहीं तो ये इसे छोड़ कर किसी दुसरे पढ़े लिखे के साथ चली जाएगी जबकि हमारे परिवार के संस्कार ऐसे नहीं थे मुझे तो कुछ पता भी नहीं था शादी के कई साल बाद मेने मेरे पति को देखा जब वो गौना. लेने आया मुझे वो देख कर मुस्करा रहा था मेने भी चोर नजरों से उसे देखा मोटा सा काला सा ठिगना दिखा कुछ पेट बहार आया सा में अपनी सुन्दरता देख इठला उठी जब में मेरे घर में उसके सामने से निकलती कुछ घुंगट. किये हुए टी खीसे निपोर देता मुझे ख़ुशी हुई कि में सुन्दर हु इसका मुझे अभिमान हो गया और में उसके साथ गाड़ी में अपनी ससुराल चल दी गाड़ी में उसके साथ उसके और परिवार वाले भी थे हम शाम को गाँव में पहुँच गए. !गाँव पहुँचने के बाद देखा मेरी ससुराल वालों का घर कच्चा ही था एक तरफ कच्चा कमरा एक तरफ कच्ची रसोई और बरामदा टिन का बाकि मैदान में भारी भरकम कपडे और गहने पहने हुई थी मेरे पति ५ भाइयों में सबसे छोटे थे. जो अपने १ भाई भाभी और माँ के साथ रहते थे ससुर जी का पहले ही देहांत हो गया था ! वहा जाते ही मेरी सास और बड़ी ननद ने मेरा स्वागत किया मुझे खाना खिलाया घर मेहमानों से भरा था मेने पहली बार गुंगत निकल था. में परेशान थी मेरी ननद मुझे कमरे में ले गई जिसमे कच्चे आँगन पर ही बिस्तर बिछाये हुए थे और उसने मुझे कहा ” शीला ये भारी साड़ी जेवर आदि उतार ले हलके कपडे पहन ले अब हम सोयेंगे !” मेने अपने. कपडे उतार कर माँ का दिया हुआ गागरा कुर्ती ओधनी पहन ली स्तन बहुत छोटे थे इसलिए चोली में पहनती नहीं थी गर्मी थी तो चड्डी भी नहीं पहनी और अपनी ननद के साथ सो गई थोड़ी देर में में नींद के आगोश में थी.. आने वाले खतरे से अनजान में सोई हुई थी अचानक आधी रात को असहनीय दर्द से मेरी नींद खुल गई और में चिल्ला पड़ी चिमनी की मंद रौशनी मेने देखा मेरी ननद गायब हे और मेरे पति मेरी छोटी सी चूत में जिसमे मेने कभी. एक ऊँगली भी नहीं गुसाई थी अपना मोटा और लम्बा लंड डाल रहे थे और सुपदासुपारा उन्होंने मेरी चूत में फंसा दिया था में गागरा मेरी कमर पर था बाकि कपडे पहने हुए थे और वो गाँव का गंवार जिसने न तो मुझे जगाया न. मुझे सेक्स के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया नींद में मेरा गागरा उठाया थुक लगाया और लंड डालने के लिए जबरदस्त धक्का लगा दिया मेरी आँखों से आंसू आ रहे थे और में जिबह होते बकरे की तरह चिल्ला उठी. मेरी चीख उस कमरे से बाहर घर में गूंज गई बाहर से मेरी सास की गरजती आवाज आई वो मेरे पति को डांट रही थी की छोटी हे इसे परेशान मत कर मान जा मेरे पति मेरी चीख के साथ ही कूद कर एक तरफ हो गए तब मुझे उनका. मोटे केले जितना लंड दिखा मेने कभी बड़े आदमी लंड नहीं देखा था छोटे बच्चों की नुनिया ही देखि थी इसलिए मुझे वो डरावना लगा उन्होंने अन्दर से माँ को कहा अब कुछ नहीं करूँगा तू सोजा ! फिर उन्होंने मेरे आंसू. पोंछे मेरी टांगे सुन्न हो रही थी में घबरा रही थी थोड़ी देर वो चुप सोये फिर मेरे पास सरक गए उन्होंने कहा मेने गाँव बहुत लड़कियों के साथ सेक्स किया वो तो नहीं चिल्लाती थी उन्हें क्या पता एक चालू लड़की में. और अनजान मासूम सील्पैक लड़की में क्या अंतर होता हे !थोड़ी देर में उन्होंने फिर मेरा गागरा उठाना शुरू किया मेने अपने दुबले पतले हाथों से रोकना चाहा उन्होंने अपने मोटे हाथ मेरी दोनों कलाइयाँ पकड़ कर सर के. उपर कर दी अपनी भारी टांगो से मेरी टांगे छोडी कर दी फिर से ढेर सारा थूंक अपने लिंग के सुपाडे पर लगाया कुछ मेरी चूत पर में कसमसा रही थी उन्हें धक्का देने की कोशिश कर रही थी पर मेरी दुबली पतली काया उनके. भेंसे जेसे शरीर के नीचे दबी थी मेने चिल्ला कर अपनी सास को आवज देनी चाही उसी वक्त उन्होंने मेरे हाथ छोड़ कर मेरा मुंह अपनी हथेली से दबा दिया में गूं गूं ही कर सकी मेरे हाथ काफी देर ऊपर रखने से दुःख रहे. थे मेने हाथों से उन्हें धकेलने की नाकाम कोशिश की उनके बोझ से में दब रही थी मेरा वजन उस वक्त ३८-४० किलो था और वे ६५-७० किलो के !.
स्रोत:इंटरनेट