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Samne Biwi Chudi Marriage Sex Story

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हेलो दोस्तों, मैं सलिल आप सभी का माय हिंदी सेक्स स्टोरी में स्वागत करता हूँ.
आज पहली बार मैं आपको अपनी सेक्सी कहानी सुना रहा हूँ.
ये marriage sex story मेरे कुकर्मो का नतीजा है जिस वजह से मेरी बीवी मेरी आँखों के सामने कुतिया की तरह चुद गयी.. ये बात ५ साल पहले की है.
जब मैं १४ साल का हुआ तो मैं गली के आवारा लड़कों के साथ घूमने लगा.
धीरे धीरे मुझे चिप्पक [गंजा] पीने की बुरी लत लग गयी.
दोस्तों ने मुझको मुठ मारना भी सिखा दिया.
जब भी मैं अपने आवारा दोस्तों की टोली में होता था तो सिर्फ लौंडियों को चोदने की ही बात चलती थी.
इतना ही नही हम ७ ८ दोस्त आम के बगीचे में जाकर मुठ मारते थे.
 इसी तरह दिन निकलते चले गए.
कुछ सालों बाद तो मुझे मुठ मारने की ऐसी लत लग गयी दोस्तों की दिन में ४ ५ ६ बार मैं मुठ मार देता था.
मैं बहुत गोरा चिकना ना इसलिए मेरे दोस्त मुझे मीठा मीठा कहकर पुकारते थे.
धीरे धीरे मेरे दोस्त मुझसे मेरी गांड मांगने लगे, और कुछ दिन बाद मैं भी मान गया.
अब एक एक करके मेरे लफंगे दोस्त रोजाना मेरी गांड मारने लगे.
कभी बगीचे में, कभी सरसों के खेतों में छिपकर वो मेरी गांड मारने लगे.
इसके बदले वो मेरे लिए सिगरेट, पान मसाला , चिप्पक [गांजा] और शराब का इंतजाम कर देते.
ऐसी ही चलता रहा और एक समय आया की मुझसे गांड मराने का बहुत शौक हो गया.
मैं कह कह कर अपने दोस्तों को अपनी गांड देने लगा.
मेरी गांड फ़ैल के ये चौड़ी हो गयी.
उधर दूसरी ओर मुझे मुठ मारने की लत लग ही गयी थी.
मैं शराब भी पीने लगा था.
कुछ सालों बाद वो समय आ गया की मेरा लंड ही खड़ा होना बंद हो गया.
जब मैंने ये बात अपने लफंगे दोस्तों की बताई तो वो हसने लगे.
अबे ! ससिल की बीवी को तो कोई दूररा की चलायेगा.
अपनी बीवी को तो ये ले नही पाएगा क्यूंकि इसका तो अब खड़ा ही नही होता है.
! मेरे दोस्त कहने लगा.
मुझे बहुत बुरा लगा.
जिन दोस्तों से मुझे मुठ मारने की गंदी आदत सिखाई आज वही मेरा मजाक उधने लगे.
उधर मुझ पर कयामत जब आई जब मेरे ३ बड़े भाइयों की शादी निपट गयी और मेरा नंबर आ गया.
मेरे लिए लड़की भी पसंद कर लि गयी.
दोस्तों, मेरी तो गांड ही फट गयी.
मुझको  बार बार अपने दोस्तों की वही बात याद आती रही की ये तो अपनी बीवी को ले नही पाएगा, इसकी बीवी को तो कोई दुसरा ही चलाएगा.
मुझे अपने गलत संगत में पढ़ जाने का बड़ा पछतावा होने लगा.
कास मैं उन आवारा लड़कों से दोस्ती ना करता तो मुझे कोई गलत आदत ना लगती.
मैं बहुत पछताने लगा.
भैया !! मैं अभी शादी नही करूँगा! नौकरी मिलने के बाद ही करूँगा!! मैंने बहाना बना दिया.
पर फ्रेंड्स, मेरी एक नही चली.
मेरे पिताजी और बड़े भैया ने मिलकर मेरी शादी कर दी.
शादी हो गयी और उस सुहागरात वाली रात को मेरी भाभियों ने मुझको मेरे कमरे में धकेल दिया.
मैं अंडर आ गया.
देखा मेरी भाभियों ने कमरा जन्नत जैसा सजा दिया था.
हर तरफ दिल के आकार के गुब्बारे लगे थे.
भाभियों ने गुलाब के हाजारों फूलों से मेरी सुहाग रात की सेज सजा दी थी.
पूरा कमरा कश्मीर जैसा सुंदर लग रहा था.
मेरी बीवी अनामिका शादी का जोड़ा पहने घूँघट में बैठी मेरा वेट कर रही थी.
मैं डरते कदमों ने उसकी ओर गया और जाकर बेड पर बैठ गया.
आप आ गए जी !! मेरी नई नवेली दुल्हन बोली और उसने मुझको केसर वाला दूध दिया.
मैं कपड़े उतार देती हूँ जी !! अनामिका बोली.
उसने बत्ती भुझा दी और कपड़े उतार दिए.
मैंने भी बेमन से कपड़े उतार दिए.
मन में डर था मैं उसको चोद पाउँगा या नही.
अनामिका नंगी हो गयी.
बिस्तर पर लेट गयी.
आ जाइए जी !! वो बोली. मैं उसके उपर लेट गया.
उसके मस्त बड़े बड़े विशालकाए दूध पीने लगा.
पर दोस्तों जिस बात का डर था वही हुआ.
आधे घंटे तक अपनी बीवी के दूध पीने के बाद भी मेरा लंड सिकुड़ा ही रहा और खड़ा ना हुआ.
जब काफी देर हो गयी तो मेरी बीवी ने खुद ही कह दिया.
अब करिये जी !! सुबह मुझको जल्दी उठकर मंदिर भी जाना है ! अनामिका बोली. मैं उसके उपर लेट गया पर वही आफत.
करीब १० १५ साल से मैं हर दिन ४ ५ बार मुठ मारता था.
मेरे लंड की नशे कमजोर हो गयी थी.
और जब आज मुझको सुहाग रात मनानी थी, मेरा लंड ही खड़ा नही हो रहा था.
मेरा खड़ा नही हो रहा है !! मैंने धीरे से अपनी बीवी से कहा. कोई नही जी !! मैंने एक मिनट में खड़ा किये देती हूँ !! अनामिका बोली और अपने हाथों ने मेरे लंड को लेके मुठ मारने लगी.
पर दोस्तों मेरा बहनचोद लंड सुखा का सुखा ही रखा और खड़ा ही नही हुआ.
उस रात तो कोई चुदाई ना हो सकी.
ऐसे करते करते ५ ६ दिन निकल गए.
मेरी बीवी ने मेरे लंड को मुह में लेकर चूसा भी पर लंड तो आखिर लंड था, खड़ा होने का नाम ही नही ले रहा था.
१ हफ्ता और गुजर गया और मेरा लंड खड़ा ना हुआ.
मेरी बीवी अनामिका जान गयी की मैं हिजडा हूँ.
और मैं कभी भी उसको चोद पेल नही पाउँगा.
अनामिका!! प्लीस तुम ये बात किसी से मत कहना , वरना मेर समाज में क्या इज्ज्त रहा जाएगी! मैंने अपनी बीवी के सामने हाथ जोड़ लिए.
दोस्तों, वो बहुत समझदार लड़की थी, मान गयी और उसने ये बात किसी से नही कही.
धीरे धीरे दिन गुजरते गए और मेरी माँ और भाभियाँ मुझे बच्चे की डिमांड करने लगी.
वो सब जानती थी की सब ठीक होगा, पर मेरी सच्चाई तो मुझे तो पता.
धीरे धीरे मैं डिप्रेसन में चला गया.
एक दिन बड़े भैया से मुझको छत पर बुलाया.
 . क्या हुआ सलिल? तू आजकल बहुत मुरझाया मुरझाया रहता है?? तुझे कोई टेंशन. तो नही ?? भैया ने पूछा. मैं रोने लगा.
भैया!! मेरा खड़ा नही होता है ! मैंने कहा. गांड दिखा हारामी!! भैया बोले.
वही छत पर मेरी पैंट खोल के मेरा लंड और गांड चेक दी.
मैंने इतनी मुठ मारी थी की मेरी लंड की नशे कमजोर पड़ गयी थी.
दूसरा मैं मीठा भी था और शादी के बाद भी कभी कभार दोस्तों से गांड मारा लेता था.
भैया ने मुझको लाते ही लाते जड दी.
बहनचोद !! मुठ मारेगा!! गांड मराएगा! ले कुत्ते!! भैया मुझको गालियाँ देने लगे और मेरे मुह पर तमाचों की बौछार कर दी.
मैंने किसी से खुछ नही कहा.
रात ११ बजे बड़े भैया मेरे कमरे में आ गए.
मेरे घर पे बाकि सभी सदस्य सो चुके थे.
मेरी बीवी अमनिका ने घूँघट काढ लिया.
बहू! मैं तेरा दर्द समझ गया हूँ.
तू ये बात अपने तक ही रखना वरना हमारा परिवार किसी को मुह दिखाने के काबिल नही रहेगा! तुजको बच्चा देने की जिम्मेदारी आज से मेरी होगी! भैया बोले.
मैं एक जोर चुप चाप खड़ा था.
सलिल! जा मेरे कमरे से मेरी शेविंग किट ले आ! भैया बोले.
मैं गया और ले आया.
भैया अच्छी तरह नहा धोकर आये थे.
उन्होंने कमरे की मैंन बत्ती बुझा दी.

स्रोत:इंटरनेट