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Sasur Pipasa Bahu Hindi Sex Story

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मेरे ससुर ने मेरा दलाल बनके अब मेरी चूत एक मंत्री को भेंट कर दी.
और मेरा निकम्मा पति तो बस मेरी वीर्य से भीगी बूर साफ़ कर सकता है.. इस bahu hindi sex story का आखिरी भाग.. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. विक्रम साहब भका-भक समागम कर रहे थे .
पुख्ता मोटे लण्ड से चुदवाते हुए कामिनी के भारी नितम्ब थरथरा कर हिल रहे थे .
दोनों प्रेमी गहरी साँसे ले रहे थे .
कुछ ही पलों में विक्रम साहब कामिनी के तपते हुए चिकने योनिमार्ग में स्खलित हो गए .
 . “आइये चीकू के बाबा, मेरा योनिमुख साफ़ कीजिये .
” कामिनी ने विनोद वागले को आज्ञा दी .
विनोद तुरंत फूली हुई चिकनी चूत के निकट गया .
वह फैली हुई रानों के बीच स्थापित हो, बुर से रिसता हुआ ताज़ा-ताज़ा गाढ़ा वीर्ये चाटने व निगलने लगा. “क्या हुआ कामिनी, कहाँ भाग रही हो ?” मंत्रीजी के कार्यालय से तेज़ी से निकलती हुई पत्नी को देख विनोद वागले उत्सुक हो गया .
 . “म…म…म… म म .
” कामिनी मुंह बंद करे हुए मंत्रालय के महिला शौचालय में घुस गई .
विनोद शौचघर के बाहर प्रतीक्षा करने लगा .
थोड़ी देर में कामिनी निकली और पति को डांटने लगी .
 . “आप भी कैसे प्रश्न पूछते हैं ! आपको पता है की मंत्रिजो और श्रीमान सिंघानिया के बीच आज ख़ास समझोता हुआ है .
इतने बड़े उद्योगपति का आदर-सत्कार करने के लिए ही मुझे बुलवाया था .
” कामिनी क्रोधित होकर अपने नाथ को समझाने लगी .
 . “लेकिन प्रिय तुम प्रसाधन कक्ष इतनी जल्दी क्यों जा रही थीं, और मुझे उत्तर भी नहीं दिया ?” विनोद परेशान था .
 . “चीकू के बाबा आप भी कितने नासमझ हैं .
मेरे मुख में श्रीमान सिंघानिया का वीर्ये था, वही थूकने गई थी .
बीज से भरे हुए मुख से मैं कैसे बोल सकती थी ! अब चलिए, हमें मंत्रीजी के साथ उनके फार्महाउस जाना है .
” कामिनी ने विवरण दिया .
 . मंत्रीजी की गाड़ी हाइवे पर चल रही थी .
ड्राइवर और विनोद वागले आगे बैठे थे, कामिनी मंत्रीजी के साथ पीछे .
 . “ड्राइवर ए.
सी.
चलाओ, गर्मी लग रही है .
कामिनी तुमने बहुत अच्छे से सिंघानिया की ख़ातिर की, हमारा सौदा पक्का हो गया .
इसमें तुम्हारा बहुत बड़ा हाथ है, नहीं मुँह है !” मंत्रीजी ठहाके मार कर हंसने लगे .
 . “श्रीमान सिंघानिया पर अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ी .
वह तो जल्दी ही स्खलित हो गए .
उन्होंने कल मुझे होटल में बुलाया है .
” कामिनी ने ड्राइवर की और इशारा करते हुए मंत्रीजी से धीरे से बोला .
 . “तुम हमारे निकट बैठो कामिनी, ड्राइवर से कोई शर्म नहीं अपना ही आदमी है .
विनोद तुम्हारी पत्नी यथार्थ श्रेष्ठ अभिनेत्री है .
” मंत्रीजी ने कामिनी के गल पर चुम्बन दी और उसका पल्लू गिरा दिया .
फिर ब्लाउज़ के हुक खोल दिए, उनके हाथ कामिनी की ब्रा के अन्दर चूचियों से खेलने लगे .
विवाहित रंडी के निपल एकदम सख्त हो गए थे .
विनोद घूम-घूम कर पीछे की सीट पर चल रहे तमाशे को देख रहा था .
ड्राइवर भी गाड़ी के शीशे में पीछे देखे जा रहा था .
 . “कामिनी अंगिया भी उतार दो, मंत्रीजी सुगमता से आनंद ले पाएँगे .
सफ़र बहुत लम्बा है .
” विनोद जोरू को सुझाव देते हुए अपने गुप्तांग मल रहा था .
कामिनी ने अपनी ब्रा उतार दी और अधनंगी हो गई .
गुलाबी रंग की खड़ी हुई चूचियाँ ऐसी लग रही थीं जैसे नर्म गुदगुदे खरबूजों पर मीठी किशमिश .
सांवले परिवेश के घेरे में दोनों निपल उभर कर उजागर थे .
मंत्रीजी चूचुकों को अपनी दो उँगलियों के बीच में लेकर धीरे-धीरे मसल रहे थे, और प्यार से उनको खींच रहे थे .
कामिनी चिकोटी काटने पर सिसकारियाँ भर रही थी, उसकी आँखें एकदम नशीली हो चुकी थीं .
कामिनी ने मंत्रीजी का सिर को पकड़ कर अपने स्तनों पर झुका दिया .
मंत्रीजी ने अपने होंठ चुचियों से भर लिये वह धीरे-धीरे उसकी चुचियों को चूसने लगे .
उत्तेजित हो उन्होंने अपने दांत भी चुचियों पर गड़ा दिये जिससे कामिनी के मुँह से हलकी सी चीख निकल गई .
चलती गाडी में कामिनी मंत्रीजी के बालों को पकड़ कर अपने वक्षस्थल पर और दबा रही थी .
 . “साहब क्या गाड़ी किनारे लगा दूँ ?” ड्राइवर इस कामुक खेल को शीशे में देख कर बोला .
 . “बिलकुल नहीं, अगर हम रुके तो पहुँचते हुए अँधेरा हो जाएगा .
तुम अपने को अलग महसूस मत करो .
गाड़ी चलाते रहो, विनोद तुम्हारा अंग-मर्दन करेगा .
क्यों विनोद, विक्रम ने बताया की तुमने उत्साहपूर्वक चुसाव किया था .
” मंत्रीजी अर्धनग्न औरत के मम्मे टटोलते हुए शरारत करने लगे .
 . “अवश्य मंत्रीजी, मेरे पति किसी और काम के तो हैं नहीं .
चीकू के बाबा चलिए ड्राइवर जी के तनाव का समाधान कीजिये .
और हाँ, सावधानी से कहीं इनका सड़क से ध्यान भंग न हो .
” अपने नाथ की तौहीन करते हुए कामिनी ने निर्देश दिया .
 . “ठीक है प्रिय, तुम जैसा कहो .
तुम भी पूरी तरह निर्वस्त्र हो जाओ और मंत्रीजी को अपनी आकर्षक देह पेश करो .
” विनोद गाड़ी चालक की पतलून पर हाथ फेरने लगा .
ड्राइवर विनोद को देख मुस्कुराया और पीछे के शीशे में हो रही काम-क्रिया देखते रहा .
विनोद ने चालक की पैंट की चेन धीरे से खोली और अंडरवियर में क़ैद उसके लण्ड को सहलाने लगा .
विनोद अपनी पैंट खोल अपनी लुल्ली को निकाल कर हिलाने लगा .
 . पीछे की सीट पर कामिनी ने अपनी साड़ी पूरी उतार दी .
ब्लाउज़ व ब्रा तो पहले से कार में अलग पड़े हुए थे .
पेटीकोट पहनी कामिनी ने फिर मंत्रीजी के होठों को अपने होठों में भर लिया और अपनी जीभ को उनके मुंह में डाल कर घुमाने लगी .
दोनो एक दुसरे को प्रेम से चुमने लगे .
 .  . “तेरी जोरू तो बड़ी मस्त है विनोद, तुझसे मर्दों की सेवा करवाती है और तुझे इसमें मज़ा भी आता है .
तेरा क्या खड़ा नहीं होता ?” ड्राइवर की नज़र विनोद के लुल्ले पर पड़ी तो उसने सवाल किया .
विनोद ने ड्राइवर के जांघिये में से उसका फुंकार मारता लण्ड निकाल कर रोशन कर दिया .
फनफनाते स्तम्भ को विनोद अपने दोनों हाथों से दूहने लगा .
गाड़ी चलाते हुए चालक ने अपनी टांगें फैला दी .
विनोद ने ड्राइवर के अंडकोष हल्के-हल्के मसले और वज़नदार लौड़े की मुट्ठी मारने लगा .
 . “ड्राइवर जी आपके दैत्य के सामने मेरा लुल्ला तो निम्न है .
देखो कामिनी कितना मोटा है !” भौंचक्के विनोद ने चिल्ला कर अपनी पत्नी को बताया .
ड्राइवर का काला खम्बा अत्यंत मोटा था, विनोद अनावृत कठोर लिंग का हस्तमैथुन करने लगा .
कामिनी ने आगे झुक कर सामने की सीट का दृश्य स्वयं देखा .
 . “आप इसका सम्मानपूर्वक रसज्ञान कीजिये .
आप अपनी स्त्री को तो संतुष्ट कर नहीं सकते, कम से कम इस कड़े शिश्न को तो कामोन्माद दीजिये .
चलिए, ड्राइवर जी की गोद में अपना सर झुकाइये .
” कामिनी ने विनोद वागले को धकेला .
आज्ञाकारी विनोद ड्राइवर के चमकीले नम सुपाड़े को अपनी ज़बान निकाल कर चाटने लगा .
कामिनी ने वापस पिछली सीट पर टेक लगा कर मंत्रीजी को आँख मारी .
बेचारे विनोद को शिश्न-चूषण करता देख मंत्रीजी हंसने लगे .

स्रोत:इंटरनेट