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Shadishuda Sali Pregnant Sex Story

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जब बीवी गर्भवती हुई तो मैं बेतहाशा एक चूत की तलाश में भटकने लगा फिर याद आया की मेरी अपनी एक साली भी तो है.
शादीशुदा हुई तो क्या हुआ? एक pregnant sex story पेश है.. काफी सोचने के बाद मैं आज अपनी कहानी लिखने जा रहा हूँ। मेरी उम्र 32 साल है। मैं ठाणे का रहने वाला हूँ। मेरी शादी को पाँच साल हो चुके हैं। बात तब की है जब मेरी पत्नी पेट से थी। उस कारण मैं कुछ कर नहीं. पाता था। सेक्स पहले सी ही मेरी कमजोरी रहा है पर जब वो गर्भवती हुई तो मुश्किल से ही कुछ हो पाता था।.  . तब मेरे मन में कुछ ख्याल आने लगे। सोचा कुछ तो इन्तजाम करना चाहिए। तभी मेरे दिमाग में एक बात आ गई। मेरे एक साली है काजल (नाम बदला हुआ) जो मेरी बीवी से छोटी है, तब उसकी उम्र 28 साल की थी। उसकी शादी भी हमारी शादी के तुरंत बाद ही हो गई थी। काजल मेरे ससुराल वाले शहर में ही रहती है। वो बहुत सुंदर थी और मजे अच्छी भी लगाती थी। उसका नाम काजल (नाम बदल हुआ है) है। काजल और उसके पति की खास जमती नहीं। वो. ज्यादातर शराब के नशे में ही घर आता था। उस वजह से उनका यौन-जीवन कुछ ठीक नहीं था। मैंने सोचा कि इसी चीज का फायदा क्यूँ न उठाया जाये। काजल और मेरी पत्नी की आपस में इस बारे में बातें होती थी जो मेरी पत्नी. अकेले में मुझसे बता दिया करती थी।.  . उसके कहने के अनुसार काजल और उसके पति के बीच में कुछ ज्यादा शारीरिक सम्बन्ध नहीं थे।.  . तो मैंने मन ही मन में काजल के साथ रिश्ता बढ़ाने की ठान ली और मौका तलाश करने लगा।.  . एक बार जब मैं और मेरी बीवी मेरी ससुराल में गए तो मेरी सास ने मुझे काजल को लिवाने भेज दिया। जब मैं उसके घर पहुँचा तो वो घर पर अकेली थी। उसका पति दो-तीन दिन के लिए टूर पर गया हुआ था।.  . जब मैं वहाँ पहुँचा तो वो फ्रेश होकर आई थी और नाइटी पहने हुई थी। उसकी फिगर 32-28-34 की होगी। उसने चाय बनाई तो हम इधर उधर की बातें करके चाय पीने लगे।.  . फिर वो बोली- मैं दस मिनट में तैयार होती हूँ आप तब तक बैठिये।.  . और वो कप उठाकर चल दी। मैं तो मौके की तलाश में ही था। उसके जाने के बाद मैं उसके कमरे के पास चला गया और दरवाजे के पास से, जो थोड़ा खुला था, वहाँ से अन्दर देखने लगा।  . उसने नाइटी उतार दी थी और वो सिर्फ चड्डी पहने थी। उसके हाथ में ब्रा थी और वो उसे पहनने वाली थी। मैंने पहली बार उसे इस रूप में देखा था।.  . मेरा लंड जो साधारण ही है करीब पाँच-साढ़े पाँच इंच का पूरी तरह से तैयार था। उसे इस हालत में देख कर मन कर रहा था कि दरवाजा खोल कर अन्दर चला जाऊँ और उसे अपने आगोश में ले लूँ !.  . पर डर भी लग रहा था। उसने ब्रा पहन ली और ड्रेस लेने अलमारी की तरफ गई। दरवाजे से अलमारी नजर नहीं आती थी तो वो कुछ समय के लिए मेरी आँखों के सामने से ओझल हो गई। फिर वो सामने आई और बाल संवारने लगी।.  . वो वापस अलमारी की तरफ चली गई, मैं उधर से ही उसे देख रहा था कि वो वापस आयेगी पर अचानक दरवाजा खुला।  . उसने देखा कि मैं दरवाजे के सामने से उसे देख रहा था।.  . वो बोली- जीजू, आप यह क्या कर रहे हो?  . मैं तो इस अचानक घटी घटना से थोड़ा घबरा गया था फिर भी थोड़ी हिम्मत जुटा ली, मैंने बिना कुछ बोले उसे अपनी बाँहों में भर लिया। वो थोड़ी कसमसाई पर कुछ बोली नहीं।. फिर मैंने कहा- काजल, मैं जानता हूँ कि तुम्हें आज तक जरा भी शारीएइक सुख नहीं मिला हैं। मैं वो तुम्हें देना चाहता हूँ।”  . वो बोली- नहीं जीजू, मैं आपके बारे में ऐसा नहीं सोच सकती। दीदी क्या सोचेगी !  . मैंने उसे काफी समझाया कि पेट की भूख की तरह यह भी एक भूख है। अगर आपको घर पर खाना नहीं मिलता तो आप बाहर जाकर खाते हो ठीक वैसा ही यह भी है।.  . उसका ध्यान मेरी पैंट की तरफ था, मेरे ख्याल में वो भी शायद यही चाहती थी।  . उसने सिर्फ मुझसे इतना कहा- जीजू, मुझसे वादा करो कि यह बात मेरे और आपके सिवा किसी को पता नहीं चलेगी।  . जब उसने इतना कहा तो मारे ख़ुशी के मैं फूला ना समाया।.  . मैंने झट से अपने होंट उसके होठों पर रख कर वादा किया तो वो मुस्कुराई।.  . वो झट से उठी और बोली- माँ और दीदी राह देख रहे होंगी, हमें चलना चाहिए। यह सब बाद में !  . और अपने बेडरूम की तरफ चली गई।. मैं उसके पीछे-पीछे अंदर चला गया।. वो बोली- आप बाहर बैठो, मुझे शर्म आती है।  . पर मैं कहाँ मानने वाला था, मैं वहीं बैठ कर उसे तैयार होते देखने लगा।  . जब वो तैयार हुई तो हम लोग घर की तरफ निकल पड़े। घर पर खाना होने के बाद मैं निकलने वाला था। मैंने मौका देखकर उससे उसके घर की चाबी मांग ली और कहा- मैं तुम्हारे घर पर तुम्हारा इन्तज़ार करूँगा।.  . फिर थोड़ी देर के बाद मैं अपनी बीवी को बाय करके यह बोल कर निकला- मैं ठाणे वापिस जा रहा हूँ।.  . वहाँ से निकल कर मैं सीधा काजल के घर पहुँचा। वहाँ कोई नहीं था और काजल की राह देखने लगा।.  . शाम को करीब पाँच बजे घण्टी बजी, मैंने दरवाजा खोला। जब वो अन्दर दाखिल हुई तो मैं उसे उपनी बाँहों में भर के सीधा बेडरूम की तरफ चल पड़ा। मैंने उसे पूरी जोश के साथ चूमना चालू किया। उसने भी मेरा साथ देना चालू किया। क्या करती ! उसकी बरसों की प्यास जो बुझने वाली थी आज।.  . मैंने उसे बिस्तर पर उल्टा लेटा दिया। इतना सब करते समय मेरा लण्ड खड़ा हो गया था। उसके बहुत ही मुलायम गोल और भारी गांड ऊपर की तरफ थी। मैंने उसकी कमीज़ का पल्लू उठाया, बिस्तर पर बैठा और उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा।.  . फिर धीरे-धीरे मैंने उसकी सलवार घुटनों तक उतार दी। उसकी गांड अब छोटी सी लाल चड्डी में बहुत ही प्यारी लग रही थी। क्या मुलायम गांड थी उसकी।. फिर मैंने उसके कूल्हों पर चूमना शुरू किया और साथ ही साथ थोड़ा काटता भी गया। और साथ ही उसकी सलवार भी पूरी उतार दी।.  . फिर उसे सीधा किया और उसकी टांगों पर चूमना शुरू किया। धीरे से उसकी टाँगें खोल दी और फुद्दी पर जब मैंने अपनी जुबान रखी तो उसकी तो जैसे जान ही निकल गई।.  . उसकी फुद्दी पहली बार किसी ने चाटी थी, वो बहुत खूबसूरत थी और मैं जब उसकी फुद्दी चाट रहा था वो मछली की तरह तड़प रही थी और साथ साथ मुँह से सेक्सी आवाजें ऊं अः आह निकाल रही थी।  . चार-पाँच मिनट तक मैं उसे ऐसे ही मज़ा देता रहा। फिर मैंने कहा- अपने सारे कपड़े उतार दे।.  . उसने उतार दिए।.  . वाह क्या फिगर था ! मैंने उसके चुचूकों को चूसना शुरू किया।.  . उसने कहा- जीजू, अपने कपड़े भी उतार दो !
स्रोत:इंटरनेट