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Sunayna Ka Dard Hindi Porn Story 2

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Windows 7 & 8
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Windows XP
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Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
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इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

” अच्च्छा चल तू एक काम कर.
” मैने अपने शर्ट को उतार दिया.
सफेद रंग का शर्ट बरसात मे भीग कर पूरी तरह पार दर्सि हो गया था.
अंदर की बनियान भी उतार दी.. “ले इन्हे पहन ले.
वैसे ये ज़्यादा कुच्छ छिपा नही पाएँगे लेकिन फिर भी चलेगा.
” उसने मेरे कपड़ों को मेरे हाथ से लेकर पहन लिया.
मैं सिर्फ़ पॅंट पहना हुआ था.
उसे उतार कर देने की मेरी हिम्मत नही हुई.
“चल पोलीस स्टेशन.
” मैने उसे कहा “रपट भी लिखानी पड़ेगी “नहीं” वो ज़ोर से चीखी “नहीं जाना मुझे कहीं.
मैं नही जाउन्गि पोलीस स्टेशन.
साले रात भर मुझे चोदेन्गे और सुबह वहाँ से भगा देंगे.
किसी डाकू से ज़्यादा डर तो इन पोलीस वालों से लगता है.
” “लेकिन रपट तो लिखाना ही पड़ेगा ना”. “क्यों? क्या होगा रपट लिखवा कर.
लौटा देंगे वो मेरी लूटी हुई इज़्ज़त.
साले करेंगे तो कुच्छ नही.
हां खोद खोद कर ज़रूर पूछेन्गे.
क्या किया था कैसे किया था.
पहले चोदा था या पहले तेरी छातियो को मसला था.
” ” अब तो ये बता कि तू जाएगी कहाँ.
” मैने पूचछा ” देख मेरे घर मे मैं अकेला ही रहता हूँ.
पास ही घर है अगर तुझे कोई दिक्कत ना हो तो रात वहाँ बिता ले सुबह होते ही अपने घर चली जाना.
” कुच्छ देर तक वो चुप रही फिर उसने धीरे से कहा “ठीक है”. हम दोनो अर्ध नग्न अवस्था मे लोगों से छिपते छिपाते घर की ओर. बढ़े.
रात के साढ़े बारह बज रहे थे और ऊपर से बारिश इसलिए रास्ता पूरा सुनसान पड़ा था.
उसने मेरे हाथ को पकड़ रखा था.
किसी लड़की के स्पर्श से मेरे बदन मे सिहरन सी हो रही थी.
मैने चलते चलते पूचछा. ” क्या मैं अब तुम्हारा नाम जान सकता हूँ?”. सुनयना नाम है मेरा.
” ” सोनू तुम शादी शुदा हो या अभी कुँवारी ही हो?”. “शादी तो हुई थी लेकिन मेरा पति मुझे छोड़ कर साल भर हुए. पता नही कहाँ चला गया.
मैं कुच्छ दूर एक खोली लेकर रहती हूँ.
पास ही ट्विंकल स्टार स्कूल मे पढ़ाती हूँ.
उसी से मेरा गुज़रा चल जाता है.
” मैं चल ते हुए उसकी बातें सुनता जा रहा था.
उसकी आवाज़ बहुत मीठी थी लग रहा था बस वो बोलती जाए.
चाहे कुच्छ भी बोले लेकिन बोलती जाए.
मैने अपने बाहों से उसको सहारा दे रखा था.
उसकी चाल मे लड़खड़ाहट थी जो की गॅंग रेप के कारण दुख़्ते बदन के कारण. थी.
उसके बदन मे जगह जगह नोचे और काटे जाने के निशान हो रहे थे.
कुछ जगह से तो हल्का हल्का खून भी रिस रहा था.
बड़ी ही बेरहमी से कुचला दिया था बदमाशों ने इस फूल से बदन को.
” हमारे मोहल्ले मे टिल्लू दादा हफ़्ता वसूली का काम करता है.
उसकी नज़र बहुत दीनो से मेरे ऊपर थी.
लेकिन मैं उसे किसी भी तरह का मौका नही देती थी.
आज क्या है स्कूल के एक टीचर का आक्सिडेंट हो गया था.
हम सब उसे देखने हॉस्पिटल चले गये थे.
वापसी मे बरसात शुरू हो जाने के कारण देर हो गयी.
मैं लोकल ट्रेन से दादर रेलवे स्टेशन पर उतर कर पैदल घर जा रही थी.
सड़कों पर लोग कम हो गये थे.
मेरे घर के पास अंधेरे मे मुझे वो साला टिल्लू मिल गया.
उसने मेरे गले पर चाकू रख कर वॅन मे बिठा कर यहा ले आया.
” हम घर पर पहुँच गये थे.
दोनो बारिश मे पूरी तरह भीग चुके थे.
हमारे बदन और कपड़ों से पानी टपक रहा था.
मैने ताला खोल कर लाइट जलाई.
उसकी तरफ घूमते ही मैं अवाक रह गया था.
क्या खूबसूरत महिला थी.
रंग गेहुआ था लेकिन नाक नक्श तो बस कयामत थे.
बदन ऐसा कसा हुआ की उफफफ्फ़ .
मेरी तो साँस ही रुक गयी.
पूरा बदन किसी होनहार कारीगर द्वारा गढ़ा हुआ लगता था.
बदन पर सिर्फ़ मेरी बनियान और शर्ट थी जिसका होना या ना होना बराबर था.
उसके बदन का एक एक रेशा सॉफ नज़र आ रहा था.
मैं एक तक उसके बदन को निहारता रह गया.
काफ़ी सालों बाद किसी महिला को इस अवस्था मे देख रहा था.
मेरी बीवी सरिता गोरी तो थी लेकिन काफ़ी दुबली थी.
इसका बदन भरा हुआ था.
चूचिया बड़ी बड़ी थी 38 के आसपास की साइज़ होगी.
निपल्स के चारों ओर काले काले घेर काफ़ी फैले हुए थे.
निपल्स भी काफ़ी लंबे थे.
उसके बदन मे कई जगह कीचड़ लगा हुया था लेकिन उस हालत मे भी वो किसी कीचड़ मे खिले फूल की तरह लग रही थी.
उसकी नज़रें मेरी नज़रों से मिली और मुझे अपने बदन को इतनी गहरी नज़रों से घूरता पाकर वो शर्मा गयी.
“अंदर चलें” उसने मुझे मेरी अवस्था से बाहर लाते हुए कहा.
“हाँï हाँï अंदर आओ.
” मैं बोखला गया.
मेरी चोरी पकड़ी गयी थी.
मैं अपनी हड़बड़ाहट छिपाते हुए बोला, ” देखो छ्होटा सा मकान है.
पुरखों ने बनवाया था.
दो कमरे हैं.
यहाँ मैं अकेला ही रहता हूँ इसलिए समान इधर उधर फैला हुआ है.
” “क्यों शादी नही की?”. “की थी लेकिन मुझसे ज़्यादा वो भगवान को प्यारी थी इसलिए उसे जल्दी वापस बुला लिया”. “सॉरी! मैने आपको कष्ट दिया.
” “नही नही ऐसा कुच्छ नही.
” मैने कहा ” ऐसा करो तुम जल्दी से नहा लो.
इस तरह रहोगी तो बीमार पड़ जाओगी.
” “हाँ अपने सही कहा.
बातरूम किधर है?” उसने झट से मेरी बात का समर्थन किया.
शायद वो खुद एक गैर मर्द के सामने से अपना नग्न बदन छिपाना चाहती थी.
मैने उसे बाथरूम दिखा दिया.
वो अंदर चली गयी.
मैने उसे रुकने को कहा.
मैं स्टोव पर पानी गर्म करके ले आया.
इसे बाल्टी के पानी मे मिक्स कर लो.
गुनगुने पानी मे शरीर को राहत पहुँचेगी.
कपड़े वहीं छोड़ देना.
मैं धुले कपड़े ला देता हूँ.
उसके लिए प्रॉपर कपड़े तलाश करने मे दिक्कत हुई.
अब मेरे घर मे मर्दों के कपड़े ही थे.
मैने उनमे से ही एक शर्ट और एक लूँगी निकाला.
शर्ट थोड़े हल्के कलर का था इसलिए अपनी एक अच्छि बनियान भी निकाल कर उसे दी.
मैं उसके लिए चाइ बनाने लगा.
कुच्छ देर बाद बाथरूम का दरवाजा खुलने की आवाज़ आई.
मैं अपने काम मे बिज़ी रहा.
बीच बीच मे उसकी चूड़ियों की ख़ान खानाहट बता रही थी कि वो कुच्छ कर रही है.
शायद बॉल संवार रही होगी.
मैं अपने धुन मे मस्त किचन मे ही बिज़ी रहा.
अचानक पीछे से आवाज़ आई, ” अब कैसी लग रही हूँ मैं?”. “एम्म्म” मैं उसके चारों ओर एक चक्कर लगा कर बोला, “काजल लगा लो कहीं मेरी ही नज़र ना लग जाए.
” “धात” वो एक दम नयी नवेली दुल्हन की तरह शर्मा गयी.
“लो चाइ पियो.
इसे पीने से तुम्हारे बदन मे स्फूर्ति आ जाएगी.
” मैने उसकी तरफ चाइ का प्याला बढ़ाते हुए कहा.
वो मेरे हाथ से कप ले कर सोफे पर बैठ गयी.
उसके मुँह से ना चाहते हुए भी एक कराह निकल गयी.
`क्या हुआ?’. ` कुच्छ नही.
ज़ख़्मों से टीस उठ रही थी.
’ उसने अपने निचले होंठ को दाँतों मे दबाकर दर्द को पीने की कोशिश की.
` अरे मैं तो भूल ही गया था.
बहुत बेदर्दी से उनलोगों ने संभोग किया है तुमहरे साथ.
कई जगह से तो खून भी निकल रहा था.
’ उसके चेहरे पर एक दर्दीली मुस्कान उभर आई.
हम चुपचाप चाइ ख़त्म करने लगे.
`अभी आया’ कहकर मैं उठा और बेडरूम मे जाकर रॅक से एक सेव्लान की शीशी और रुई ले आया.

स्रोत:इंटरनेट