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Tanha Mausi Jawan Beti Hindi Saxy Story

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मौसी खुद अपनी बेटी को चुदवाने का प्लान बना रही है, अभी पता नहीं क्या नयी चाल सूझी है? खैर मैं तो रात के इन्तेजार में मरा जा रहा हूँ.
इस hindi saxy story का गरमा गरम अगला भाग.. के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. “अच्छा ठीक है बेटा तुम उसके कमरे मे जाकर ही मज़ा देना.
कोशिश करना कि तुम उसे आज ही चोद लो, और अगर ना चोद पाओ तो एक काम ज़रूर करना.
” “क्या मौसी?”. “तुम अपनी अंडरवियर उसके रूम मे ही छोड़ देना और अपनी कोई और आइटम भी वही छोड़ देना बाकी मैं देख लूँगी.
” “ठीक है मौसी.
” फिर बरखा चाय लेकर आ गयी.
हम सब चाय पीने लगे.
फिर सब कुछ नॉर्मल हो गया.
मैं बाहर चला गया.
रात को वापस आया फिर सबलोगो ने खाना खाया और फिर बरखा बर्तन धोने लगी तो मौसी ने मुझसे कहा, “बेटा आज तू अपनी बहन की लेगा, तुझे उसके सामने अपनी मौसी तो अच्छी नही लगेगी.
” “ओह्ह मौसी आप कैसी बात करती हो, आप तो पहले हैं और बरखा बाद मे.
आज आप अकेले सो जाओ आज बरखा को कोशिश करके चोद लूँ तो फिर कल आपको.
” “ठीक है बेटा अगर वह ना माने तो ज़बरदस्ती मत करना, अगर वह डर गयी तो तुम्हारा काम बिगड़ जाएगा, जितना करवाए उतना करना बाकी मैं कल तुम्हारा पूरा काम बनवा दूँगी.
” फिर मौसी बरखा से बोली, “बेटी मैं सोने जा रही हूँ, तुम बर्तन धोकर सोना, रोहन बेटा जाओ तुम भी सोओ जाकर.
” “आप चलिए मम्मी मैं ज़रा टीवी देखूँगा.
” फिर मौसी चली गयी तो मैं किचन मे घुस गया और बरखा के पिछे खड़ा हो उसकी गाँड मे लंड लगाया.
वह अपनी गाँड को मेरे लंड पर दबाती मुझे देख मुस्करती बोली, “ओह्ह भैया क्या है, जाइए आप टीवी देखिए मैं काम कर रही हूँ.
” “तुमको रोका किसने है हाये आज तो मेरी ज़िंदगी का सबसे अच्छा दिन था और अब रात भी सबसे हसीन होगी.
” “क्यों भैया?”. “हा आहह आज रात मेरी खूबसूरत जवान बहन मेरे साथ बिस्तर पर होगी ना इसलिए.
” और उसके मुम्मों को पकड़ा.
“ओह्ह भैया चलिए हटिए, आप चलिए मैं आती हूँ.
” “मेरे साथ ही चलना हाये यार जल्दी धो बर्तन और चलो देख ना यह कितना तड़प रहा है.
” और अपने लंड पर हाथ लगाया.
वा मेरी पॅंट को देखते बोली, “ओह्ह भैया आप चलिए फिर मेरी चूस कर इसे सही कर लीजिएगा.
” “तुम तो बस अपने मुम्मों  को ही चुस्वाति हो बरखा यार अब बहुत चूसी है तुम्हारी मुम्में अब अपनी चूत चटवाना.
” और उसकी चूत छूने की कोशिश की तो वह मेरा हाथ हटाने लगी.
“भैया मुझे अपनी चुसवाने मे बहुत मज़ा आया था.
” वह मेरा हाथ अपने मुम्मों  पर रखती बोली.
“अरे यार तुम एक बार अपनी चूत को अपने भाई से चटवाकर तो देखो मुम्मों से ज़्यादा मज़ा चूत मे होता है.
” मैंने कसकर मुम्मों को मसला.
“भैया आप कहते है तो सच होगा लेकिन मुझे बहुत डर लगता है.
” वह अपने मुम्मों  को देखते बोली.
“अच्छा तू एक बात बता, तुझे अपनी चूत चट्वाने मे क्या डर लगता है?” “व्व वह वो भैया….
” “हां हां बताओ ना.
” “ज्ज्ज्जई भैया वा मुझे मेरा मतलब है मुझे शरम आती है.
” उसने सर झुकाया.
“पगली शरम क्यों लगती है?” मैंने उसके चेहरे को हाथो से पकड़ अपनी ओर किया.
“आप मेरे भाई है ना.
” उसने यह कहते हुए मुझे देखा और सर फिर झुका लिया.
मे उसके गालो को पकड़ उसके होंठो को चूम बोला, “अरे यार शरमाने की क्या बात जब मुम्मों को चुस्वा चुकी हो और चूत दिखा चुकी हो तो क्या शरम.
चल पगली अब मुझसे शरमाने की कोई ज़रूरत नही.
चलो अब चलते है.
” फिर मैने उसे गोद मे उठाया तो वह मेरी गोद से उतरते हुए बोली, “ओके भैया ठीक है आप जैसे चाहे वैसे मज़ा लीजिएगा अपनी प्यारी छोटी बहन का पर आप छोड़िए तो.
” “अब क्या है?”. “आप अपने रूम मे चलिए मैं वही आती हूँ.
” “बरखा तुम्हारे रूम मे चलते हैं ना?”. “भैया मेरे रूम मे टॉइलेट नही है, आपके रूम मे टॉइलेट है ना, वरना टॉइलेट के लिए बाहर आना पड़ेगा.
” “अच्छा ठीक है जल्दी आना.
” फिर मैं अपने रूम मे आया और बेड पर लेट गया और अपनी बहन के आने का इंतेज़ार करने लगा.
मैं लेटा हुआ अपनी मौसी के बारे मे सोच रहा था कि बेचारी मौसी आज अकेले तड़प रही होगी.
तभी दरवाज़े पर आहट हुई तो मैंने देखा और देखता ही रह गया.
दरवाज़े पर बरखा खड़ी थी.
उफ्फ कितनी हसीन लग रही थी वह.
उसके बदन पर एक सफेद झीना सा छोटा कुर्ता था जो उसकी कमर तक ही था और अंदर काली ब्रा पहने थी.
नीचे भी वह केवल काली पैंटी पहने थी और कुछ नही.
उसने मेक-अप भी किया था.
होंठो पर लाल लिपस्टिक थी और आँखों मे काजल और पर्फ्यूम भी लगी थी.
मैं उसे पागलों की तरह देखता रहा.
अपनी छोटी बहन को तीन सेक्सी कपड़ो मे देख सबकुछ भूल गया.
जब मैं उसे देखता रहा तो वह मुस्काराकार बोली, “भैया अब देखते ही रहिएगा या अंदर आने को भी कहिएगा.
” मे उसकी बात सुन बेड से उतर उसके पास गया और दरवाज़ा बंद कर उसे गोद मे उठाया और फिर बेड पर लिटाया और उसके पास बैठ उसे देखने लगा.
वह इस तरह अपने आपको देखता पा मुस्कराती हुई बोली, “क्या बात है भैया अब देख भी चुको.
” “बरखा मेरी जान क्या बात है यार इस वक़्त तू बहुत प्यारी लग रही है मन कर रहा है कि देखता ही रहूं.
” “भैया अब देखना बंद करिए, कल पूरा दिन देख लीजिएगा, अब जो करना हो करिए मुझे सोना है और सुबह कॉलेज जाना है.
” तब मैंने उसके होंठो को कुछ देर तक चूसा.
वह भी मेरे होंठो को चूसती रही फिर मैंने उसके कुर्ते को उतारा और ब्रा को अलग किया तो दिन मे जी भरकर चूसे गए दोनो मुम्में ऊपर को तने तने मुझे ललचाने लगे.
मैंने दोनो हाथो से बरखा के दोनो मुम्मों को पकड़ा फिर धीरे धीरे सहलाने लगा.
मैं मुम्मों को सहलाते हुए बरखा को देख रहा था.
वह भी मुझे ही देख रही थी और मुस्करा भी रही थी.
मैंने उसके मुम्मों को धीरे धीरे सहलाते हुए उसके होंठो को चूमा बोला, “बरखा तुम्हारी मुम्में बहुत प्यारे है.
” वह मुस्काराई और मेरे हाथो पर अपना हाथ रख दबाव ज़्यादा करते हुए बोली, “भैया मेरे मुम्में आपके लिए है.
लीजिए मज़ा अपनी बहन के मुम्मों का, दबा दबाकर भैया.
” मैंने उसके मुम्मों को 6-7 मिनट तक दबाया और वह बराबर मुझे देखती रही.
फिर वह मेरा हाथ पकड़ बोली, “भैया अब बस भी करिए.
” “हाये बहुत अच्छा लग रहा है.
” “अब फिर दबा लीजिएगा, अब ज़रा इनको मुँह मे लेकर चूसिए ना.
” “तुमको चुसवाना अच्छा लगता है?”. “हां भैया बहुत मज़ा आया था दिन मे.
” “ठीक है जब मन हो तब चुस्वा लिया करना.
” फिर झुककर उसका एक मुम्मा को जीभ से चाटने लगा.
कुछ देर बाद दूसरी को भी चाटा और फिर एक को मुँह मे लेकर चूसने लगा.
4-5 मिनट बाद दूसरी को भी खूब चूसा.
वह अब आँखें बंद कर सिसकते हुए मेरा सर अपने मुम्मों  पर दबा रही थी.
कुछ देर बाद उसके निपल को मुँह मे लेकर जब पीना शुरू किया तो वह एकदम मस्त हो हाये हाये करने लगी.
अब वह अपने मुम्मों  को अपने हाथ से दबा दबा मुझे पिला रही थी.

स्रोत:इंटरनेट