×
प्लेबैक सेटअप सहायता
यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।
Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए
Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट।
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।
iOS उपयोगकर्ताओं के लिए
सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें
MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट।
Windows उपयोगकर्ताओं के लिए
Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच।
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें
नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।
ये सोचने भर से पंडिताईन की चुत पनिया गयी थी ।. ठकुराइन के नीचे उतरते ही बारिश की मोटी बुंदे गिरने लगी । पंडिताईन हडबड़ाती हुई बोली –. “चलिए जल्दी,,,,,भीग जायेंगे…….
।”
दोनों तेज कदमो से खलिहान की तरफ चल पडे । अन्दर पहुंचते पहुंचते थोड़ा बहुत तो भीग ही गये । ज्वाला देवी का. ब्लाउज और पंडिताईन की पेटीकोट दोनों पतले कपड़ों के थे । भीग कर बदन से ऐसे चिपक गये थे, जैसे दोनो उसी में पैदा हुए हो । तभी पंडिताईन उन्हें तौलिया देती हुई धीरे से बोली –
“तौलिया लीजिए मालकीन, और जा कर मुंह हाथ अच्छी तरह से धो कर आ जाईए ।”
ज्वाला देवी चुप-चाप बाथरुम में घुस गयी और दरवाजा उसने खुला छोड़ दी थी । फिर कमोड पर खडी होकर पुरी पेटीकोट कमर तक समेट ली और लंड हाथ में थामें चर-चर मुतने के बाद हाथ पैर धो कर वापस कमरे में आयी, तो देखा की पंडिताईन बिस्तर पर बैठ अपने घुटनों को मोड़ बैठी थी । ज्वाला देवी ने हाथ पैर पोंछे और बिस्तर पर बैठती हुई पुछी –. “क्या हुआ…शारदा….. ?”
पंडिताईन चुप रही, ज्वाला देवी की समझ में आ गयी, फिर उसने आगे बढ़ अपनी एक हाथ पंडिताईन के पेट पर रख दिया और उसने छाती पर झुक कर अपनी लम्बी गरम जुबान बाहर निकाल कर, चूचियों को चाट लिया ।
इतनी देर से गीला ब्लाउज पहन ने के कारण पंडिताईन की चूचियाँ एकदम ठंडी हो चुकी थी । ठंडी चूचियों पर ब्लाउज के ऊपर ठकुराइन की गरम जीभ जब सरसराती हुई धीरे से चली, तो उसके बदन में सिहरन दौड़ गई। कसमसाती हुई अपने दोनों हाथों से ज्वाला देवी की स्तनों को जोर से मसलते हुए बोली-. “हाय… तो चूसूँ मालकिन !!?”. चूची चूसने की इस खुल्लम-खुल्ला आमन्त्रण ने ठकुराइन की लन्ड को फनफना दिया, उत्तेजना अब
सीमा पार कर रही थी और ज्वाला देवी मुस्कुराती हुई धीरे से बोली-. “ ले चू,,,,,,स…बहुत मीठा है…।”
शारदा ने अपनी बांई हथेली में उसकी एक चूची को कस लिया और जोर से दबा दिया, ज्वाला देवी के मुंह से
सिसकारी निकल गई-. “आह….
चूसने के लिये बोला तो… !”
“दबा के देखने तो दो…चूसने लायक पके है,,,,, या,,,????”,
गरदन नीचे झुकाती हुई पंडिताईन ने अपना मुंह खोल भीगे ब्लाउज के ऊपर से चूची को निप्पल सहित अपने मुंह में भर लिया। हल्का सा दांत चुभाते हुए, इतनी जोर से चुसा की ज्वाला देवी के मुंह से आह भरी सिसकारी निकल गई। उसने एक चूची को अपने हाथ से दबाते हुए, दूसरी चूची पर मुंह मार मार के चूसने, चुमने लगी । ज्वाला देवी की मुंह से सिसकारियां निकलने लगी, उसने अपनी जांघो को भींचते हुए , शारदा की सर को अपनी चूचियों पर भींच लिया । गीले ब्लाउज के ऊपर से निप्पल एकदम खड़े हो चुके थे और उनको अपने होठों के बीच दबा कर खींचते हुए, जब शारदा ने चुसी तो ज्वाला देवी छटपटा गई ।
राजेश्वर की सिर को और जोर से अपने सीने पर भींचती सिसयायी-. “इससस्स्स्,,,,,, उफफफ्फ्,,,,धीरे… आराम से, आम चु…स…।”
थोड़ी ही देर में ठकुराइन की उत्तेजना काबू के बाहर होने लगी और व शारदा की गदरायी जिस्म पर जॅहा तॅहा मुंह मारने लगी । उसने ठकुराइन के बगल में लेटते हुए उन्हें अपनी तरफ घुमा लिया, और उनके रस भरे होठों को अपने होठों में भर, नंगी पीठ पर हाथ फेरते हुए, अपनी बाहों के घेरे में कस जोर से चिपका लिया । दोनों के चुचीयां वापस मे रगड खा रहे थे । करीब पांच मिनट तक दोनों कामातुर महिला एक दूसरे से चिपके हुए, एक दूसरे के मुंह में जीभ ठेल-ठेल कर चुम्मा-चाटी करते रहे । जब दोनों अलग हुए तो हांफ रहे थे ।. दोनों अब बेशरम हो चुके थे । ठकुराइन अपना एक हाथ चूचियों पर से हटा, नीचे जांघो पर ले गया और टटोलते हुए, अपने हाथ को जांघो के बीच डाल दिया । चूत पर पेटिकोट के ऊपर से हाथ लगते ही शारदा ने अपनी जांघो को भींचा, तो ठकुराइन ने जबरदस्ती अपनी पूरी हथेली जांघो के बीच घुसा दी और चूत को मुठ्ठी में भर, पकड़ कर मसलते हुए बोली-
“अब तो अपना बिल दिखा ना,,,,,!!!”
पूरी चूत को मसले जाने पर कसमसा गई पंडिताईन, उसने जोश में आ ठकुराइन की गाल को अपने मुँह में भर लिया, और अपने हाथ को सरका, कमर के पास ले जाती पेटीकोट के भीतर हाथ घुसाने की कोशिश की । हाथ नहीं घुसा, मगर ठकुराइन की खड़े लण्ड पर हाथ पड़ते ही शारदा का बदन सिहर गया । गरम लोहे की राड की तरह तपते हुए लण्ड को मुठ्ठी में कसते ही, लगा जैसे चूत पनियाने लगी हो । मुँह से निकला –
“हाय मालकीन, कितना बडा है…… !”
ठकुराइन की लण्ड को हथेली में कस कर, जकड़ मरोड़ती हुई बोली-
“ हाय मालकीन..जल्दी करो ! अब रहा नहीं जा रहा…।”
झट से बैठते हुए ठकुराइन पेटिकोट के नाड़े को हाथ में पकड़ झटके के साथ खोलते हुए बोली-. “भगवान बेला का भला करे जिसने तेरी बुर की इतनी तारीफ़ की कि मैं ललचा गई।”. कहती हुई ठकुराइन अपने भारी भारी संगमरमरी गुदाज चूतड़ उठा, पेटिकोट को चूतड़ों से सरका और शानदार रेशमी मांसल जांघों से नीचे से ठेल निकाल दिया ।
इस काम में पंडिताईन ने भी उसकी मदद की और सरसराते हुए पेटिकोट को उसके पैरों से खींच एक तरफ फेंकी, तो कमरे की रोशनी में ठकुराइन की दस इंच का तमतमाता हुआ लण्ड देख पंडिताईन को झुरझुरी आ गई । उठ कर बैठते हुए, हाथ बढ़ा उनकी लण्ड को फिर से पकड़ लिया और चमड़ी खींच उसके पहाड़ी आलु जैसे लाल सुपाड़े को देखती बोली-
“हाय,,,,,,,बेला ठीक बोलती थी आपकी लन्ड तो वाकई बहुत बड़ा,,,,,है…मेरी…तो फ़ाड़ ही देगा……..।”
ठकुराइन लेट गई, और अपनी दोनो टांगो को घुटनो के पास से मोड़ कर फैला दिया । दोनों अघेड औरतें अब जबर्दस्त उत्तेजना में थे । दोनो में से कोई भी अब रुकना नही चाह रहा था ।
पढने के लिए आते रहिये My पर.
Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3.
स्रोत:इंटरनेट