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Train Me Mili Pyasi Aurat Shemale Sex Stories

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चांदनी की लेने गया था पर अपनी गांड चांदनी के लंड को देके आया। पर क्या मज़ा आया पूछिये मत, अपनी बीवी को उसके पास ले जाने की सोच रहा हूँ, shemale sex stories का लास्ट पार्ट.
Hindi Sex Stories के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. चांदनीजी को जबरदस्त ख़ुशी हुयी थी, उन्हेँ पुरा आनद मिल गयी थी । व मेरे पीठ पर लेट गयी, चांदनी की लंड अभी भी मेरी गांड में थी । मैं प्यार से उनकी मांसल गांड पर हाथ फिराने लगा । करेब 10 मिनट बाद हम उठे चांदनी बहुत खुश थी, मुझे बहुत चुमे जा रही थी । बहुत प्यार किया, मुझे भी उनपर बहुत प्यार आया खेर फिर हम बाथरूम गए और अपने-अपने लंड साफ किए । बाथरुम से आकर मैंने कपडे पहनके निकलने को तैयार था, चांदनी अब साडी पहन चुकी थी व मेरे सीने चिपक गयी और मुझे चुमते हुए बोली-. “फिर कब आओगे राज ! मैँ तुम्हारा इंतजार हर पल करुंगी । तुमने तो मुझे जन्नत की सैर करा. दी ! और मुझे क्या चाहिए था ।”. तो मैँने कहा-. “चांदनीजी, मैं अब चलता हूँ ! आप सन्तुष्ट हैं, आप जब चाहे बुला लेना, मैँ हाजिर हो जाउंगा।” कहते के साथ मैंने चांदनीजी से जाने की इजाजत मांगी और बाहर आ गया । उसके दो दिन बाद फिर चांदनीजी की फोन आया, कहने लगी- “राज, कब आ रहे हो ?” मैंने कहा-. “चांदनी जी, जब आप बुलाओ, मैं हाजिर हो जाऊंगा, बोलिए कब जाना है ।” “राज, ऐसा नहीँ हो सकता ! तुम दोनोँ यहां आ जाओ, साथ मेँ मजे लेँगे ।” सॉरी दस्तोँ, मैँने आप लगोँ को बताना भुल गया कि मैँ एक शादीशुदा आदमी हुं और एक सुन्दर सी सेक्सी पत्नी है मेरी । उसकी उम्र 32 साल होगी और मेरा 35 । मैँ दो बच्चोँ का बाप भी हुं । मेरी पत्नी का नाम जया है । बहुत गठीला और भरा हुआ बदन है उसका । उसकी सबसे सेक्सी अंग थी उसकी चौडी गांड जिसकी थिरक देख कर किसी भी मर्द के लंड खडा हो जाएंगे ।. खैर जब चांदनीजी की बात मैँने उसे बताई तो व एकदम से आश्चर्य-चकित रह गई और उससे मिलने का मन बना लिया ।. और हमने अगले दिन रात को ठीक आठ बजे चांदनी की घर पहुंच कर बैल बजाई । चांदनी ने दरवाज़ा खोला और मेरे गले लग कर कहने लगी-. “राज, इतना इन्तज़ार मत करवाया करो ! कहां हैँ तुम्हारे पत्नी कबसे बेताब हुं मिलने के लिए ।” मैंने कहा-. “जया भी आपसे मिलने के लिए बैचेन है । आपको देखने के लिए बडी उत्सुक हुई जा रही है ।”. और फिर मैँने दोनोँ को मिला दिया । चांदनी ने जया को गले लगा कर चुम लिया और हमेँ अंदर ले गयी । अपनी दोनोँ बच्चोँ से हमेँ मिलाते हुए चांदनी बोली-. “बेटा, ये हैँ राज अंकल और ये हैँ जया आंटी । ये मेरे ही ऑफिस मेँ काम करते हैँ और आज रात यहीँ रहेंगे ।” बच्चे हमसे मिल कर बहुत खुश हुए । एक घंटे मैँने बच्चोँ के साथ गप्पे लडाता रहा, इसी बिच चांदनी और जया ने मिल कर खाना तैयार कर लिया । फिर सबने एक साथ खाना खाया । खाना खत्म करके बच्चे अपने कमरे मेँ सोने चले गए । चांदनी ने नीचे गेस्ट रुम मेँ हमारा बिस्तर लगा दी । मुझे और बर्दास्त नहीँ हो रहा था । जया चांदनी के साथ काम निबटा रही थी । मैँने अकेले दोनोँ का इंतजार करने लगा । आधे घंटे बाद दोनोँ कमरे मेँ आ. गए तो मैँने चांदनी से पुछा-. “चांदनीजी, बच्चे सो गए क्या ?” चांदनी ने थोडी सी मुस्कराई और अलमारी से एक विस्की का बोतल निकालती हुई बोली-. “वे तो कब के से चुके हैँ, अब हम अपना काम आराम से कर सकते हैँ ।” फिर चांदनी ने तीन पैग विस्की के बनाये, हम सबने आपस में चियर्स किया, अपने-अपने पैग खत्म किये, एक दूसरे के गले लगे । उसके बाद चांदनी ने तीन और पैग बनाये और पैग खत्म करने के बाद हम तीनों ने अपना चुदाई का कार्यक्रम शुरु किया । एक गहरी सांस लेकर हमने अपने-अपने मुंह ऐसे घुमाये कि सबके होंठ सट गए । हम एक दूसरे के होंठों को चुमने लगे । फिर चांदनी ने जया को अपनी बाहों मे कस लिया और उसकी होंठों को बेतहाशा. चुसने में लग गई ।. मैँने खुद को दोनोँ से अलग कर दिया । मेरे बदन में सेक्स का नशा छाने लगा था । मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक औरत भी दुसरी औरत को इस तरह मज़ा दे सकती है ।. अब चांदनी का हाथ जया की ब्लाउज़ पर पहुंच चुका था और उसने एक सैकेंड में सारे हुक खोल डाले और चुचियोँ को सहलाने लगी । जया की स्तन काफी बड़े और दूध की तरह गोरे थे । फिर चांदनी अपनी जीभ से जया की चुचेँ. चाटना शुरू कर दिया । साथ ही दुसरे स्तन को हाथ से मसलती जा रही थी ।. ये देख कर मेरी उत्तेजना लंड तक पहुंचने लगा था । फिर चांदनी ने अपना साडी और ब्रा उतार फैंके । उसके स्तन भी भरे पुरे थे और चुचियां तनी हुईं थीं । चांदनी ने अपनी चुचियां जया की छातियों से सटा दी और फिर. अपने होंठ उसकी होंठों से सटा दिये । दोनोँ की चुचियां आपस मेँ टकरा रही थी और दोनोँ एक दूसरे से चिपक कर बेतहाशा किस करने लगे।. दोनोँ औरतोँ की मस्ती देख कर मेरा सारा बदन मस्ती में डुबता जा रहा था । फिर चांदनी ने मेरी पत्नी का हाथ अपनी स्तन पर रख लिया और बोली-. “प्लीज़, दबाओ न इन्हेँ । जया उसके स्तनोँ को मसलने और दबाने लगी । चांदनी भी आंखे बंद करके मिंजवाने का मज़ा लेने लगी । फिर जया ने उसकी निप्पल अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी ।. सच बताऊं, दोनोँ की चुमा-चाटी देख कर मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और अपना लंड निकाल कर सहलाने लगा । काफी देर तक वे दोनों एक दुसरे के चुचियां चुसते रहे । कुछ देर बाद चांदनी ने जया को पलंग पर लिटा दिया और उसकी साडी, पेटिकोट खोल डाली और पैंटी भी खोल कर उसे पुरा नंगा कर दिया । मेरी पत्नी थोड़ी शरमा रही थी और अपने हाथ अपनी टांगों के बीच चूत पर रख लिये ।. चांदनी बोली-. “मत शर्माओ जया, मैं भी अपनी सारी कपड़े उतार देती हुं ।” कहने के साथ उसने भी अपनी पेटीकोट, पैंटी नीचे करके उतार दी और बिल्कुल नंगी हो गई । पैँटी के निचे सरकाते ही चांदनी की 8 इंच का आधा तना लंड बाहर आ गया । जया बडी देर से इसी पल के इंतजार मेँ थी, कितना बडा लंड ! उसने लंड को मुठ्ठी मेँ भर ली और मेरी तरफ देख कर दोनोँ लंडोँ की तुलना करने लगी । महिलाओँ की भी लंड उगती है ? ये आज मेरी पत्नी पहली बार देख रही थी । मेरा लंड चांदनी की लंड से 3 इंच छोटा था ।. चांदनी की लंड लम्बा तो था ही साथ मेँ मोटा भी उतना ही था । जया चांदनी की लंड के साथ पुरे अंडकोष पर हाथ फिराते हुए उसकी तरफ देखी तो चांदनी मुस्करा दी और बोली-“कैसी लगी मेरी लंड ! अब चाटो इसे. ।”.
स्रोत:इंटरनेट